विवादों का आपसी समझौते से निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 8 मार्च को
सफल आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने ली वैठक
हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार 8 मार्च को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष तनवीर चौधरी एवं सचिव शिवचरण मीना द्वारा वित्तीय संस्था पंजाब नेशनल बैंक के समन्वय से विशेष ऋण मुक्ति शिविर व बैठक का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ के अध्यक्ष तनवीर चौधरी ने बताया कि माननीय नालसा व रालसा के निर्देशानुसार 8 मार्च को वर्ष 2025 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक, बीमा, बिजली, पानी, टेलीफोन आदि के प्री-लिटीगेशन प्रकरणों के साथ-साथ न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित कर पक्षकारान के मध्य प्री-कांउसलिंग कर प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रेफर प्रकरणों में से अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण के प्रयास किये जाएंगे। इसी प्रयास के तहत सफल आयोजन लिए ऋण शिविर का आयेाजन किया गया इसमें पंजाब नेशनल बैंक के पात्र एनपीए ऋणी, एकमुश्त समझौते के साथ अपना ऋण अदा कर सकते है जिसमें बैंक द्वारा नियमानुसार विशेष छुट भी दी जा रही है, इसमें पीएनबी के उच्चाधिकारी उपस्थित है, जिससे एनपीए ऋणियों को मौके पर ही विशेष छुट का लाभ मिल सकेगा। इस ऋण मुक्त शिविर का ध्येय राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।इसके अतिरिक्त माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा प्रेषित स्टेट एक्शन प्लान की पालना में शिव चरण मीना, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ द्वारा मॉनिटरी एवं परमार्शदात्री समिति की बैठक का आयोजन ए.डी.आर भवन हनुमानगढ़ में किया गया। उक्त बैठक में सेवानिवृत न्यायाधीश अमरचंद सिंघल, श्याम कुमार व्यास, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सं. 2 व कृष्णकांत मिश्रा डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसल उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है?
राष्ट्रीय लोक अदालत, विवादों का आपसी समझौते से निपटारा करने वाली एक ऐसी व्यवस्था है जो न्यायालय के बाहर विवादों का निपटारा करती है। इसे जन अदालत भी कहा जाता है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत लोक अदालत को वैधानिक दर्जा दिया गया है। लोक अदालत में मामले की परिस्थितियों, मौखिक बयानों को सुनने के अनुरोध, विवाद का शीघ्र निपटारा आदि पक्षों की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जाती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के क्या है फायदे ?
लोक अदालत निष्पक्ष और सरल न्याय देती है। इसमें संपत्ति अधिग्रहण, वित्तीय विवाद, और वैवाहिक मुद्दों जैसे विवादों का निपटारा किया जाता है.लोक अदालत में किसी पक्ष को सज़ा नहीं होती। मामले का निपटारा तुरंत हो जाता है। मुआवज़ा और हर्जाना तुरंत मिल जाता है।


