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गिव अप अभियान

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गिव अप अभियान: अपात्र राशन कार्डधारक 30 अप्रैल तक स्वयं हटवाएं नाम, नहीं तो होगी कार्यवाही


हनुमानगढ़। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत गिव अप अभियान के तहत पात्रता से बाहर हो चुके राशनकार्डधारकों को स्वेच्छा से योजना से बाहर होने का अवसर दिया जा रहा है। यह अभियान 30 अप्रैल 2025 तक चलाया जा रहा है, जिसमें इच्छुक लाभार्थी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर स्वयं अपने नाम योजना से हटवा सकते हैं। जिला रसद अधिकारी श्री सुनील घोड़ेला ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी अथवा स्वायत्तशासी संस्था में कार्यरत है, कोई सदस्य आयकरदाता है, या परिवार के पास चौपहिया वाहन (ट्रैक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर) है, उन्हें अपात्र की श्रेणी में रखा गया है।

जिले में अब तक 1.05 लाख यूनिट के हटाए नाम

गिव अप अभियान की शुरुआत 1 नवंबर 2024 को की गई थी। इसके तहत जिले में अब तक 14,382 राशन कार्ड एवं 1,05,240 यूनिट को खाद्य सुरक्षा सूची से हटाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 212 अपात्र कार्डधारकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

नई पात्रता जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी

26 जनवरी 2025 से पात्र लोगों को योजना में जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिसके तहत अब तक 18,427 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं।

अपील व सख्त कदम

जिला रसद अधिकारी ने अपील की है कि अपात्र राशनकार्डधारक 30 अप्रैल 2025 से पूर्व स्वयं योजना से बाहर हों, जिससे उन्हें भविष्य में किसी कानूनी कार्रवाई या वसूली का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा परिवहन विभाग से प्राप्त डाटा के आधार पर अपात्र व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उन्हें नोटिस जारी कर वसूली की कार्यवाही प्रस्तावित है।

जाँच एवं निरीक्षण जारी

गिव अप अभियान के तहत जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों का प्रवर्तन अधिकारियों एवं निरीक्षकों द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा में चयनित अपात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के वंचित एवं अंतिम पंक्ति के लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि योजनाओं का लाभ उन्हीं जरूरतमंदों को मिले, जो वास्तव में पात्र हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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