बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम
अम्बेडकर जयंती पर जिला कलेक्टर ने दी श्रद्धांजलि, समानता का दिया संदेश
अम्बेडकर चौक पर पुष्पांजलि, कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रसारण
हनुमानगढ़। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित अम्बेडकर चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया और उपस्थित सभी ने संवैधानिक आदर्शों को अपनाने और मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प लिया।
जिला कलेक्टर बोले—समानता और संविधान के मूल्यों को अपनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि बाबा साहेब भारतीय संविधान के निर्माता और आधुनिक भारत के महान शिल्पकारों में से एक थे। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ा माध्यम है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया स्मरण
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि श्री अमित सहू, श्री प्रदीप ऐरी, डॉ. भारत भूषण शर्मा, जिला परिषद सीईओ श्री ओ.पी. बिश्नोई, सीडीईओ श्री पन्नालाल कड़ेला, नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेन्द्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए समाज में समानता और न्याय स्थापित करने का संकल्प लिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री विक्रम सिंह ने आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात सभी अतिथि व अधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के ऑनलाइन प्रसारण से जुड़े, जहां जिला कलेक्टर सहित पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सिंह मीणा, जनप्रतिनिधि श्री प्रमोद डेलू, श्री देवेंद्र पारीक, श्री विकास गुप्ता, श्री संजय शर्मा, श्री ओम सोनी ने बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। मंच संचालन श्री भीष्म कौशिक ने किया।




