नशामुक्ति शिविर(3 से 24 जुलाई )
जुलाई माह में जिलेभर में लगेंगे नशामुक्ति शिविर
नशे की लत से मुक्ति के लिए नि:शुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार की मिलेगी सुविधा
हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य सरकार के नशामुक्ति अभियान के तहत 3 से 24 जुलाई के मध्य जिले के विभिन्न सीएचसी, पीएचसी, पुनर्वास गृह, आश्रय गृह एवं कारागृहों में विशेष नशामुक्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य नशे की लत से प्रभावित लोगों को समय पर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ और सामान्य जीवन की मुख्यधारा से जोडऩा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नशे से पीडि़त व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार नि:शुल्क दवाइयां, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार के बाद मरीजों का नियमित फॉलोअप भी किया जाएगा, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें।
उन्होंने बताया कि शिविरों का आयोजन 3 जुलाई से 24 जुलाई तक जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं अन्य निर्धारित स्थानों पर प्रात: 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। शुक्रवार 3 जुलाई को सीएचसी गांधीबड़ी व सीएचसी संगरिया में शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, सोमवार 6 जुलाई को सीएचसी फेफाना एवं हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित पुनर्वास गृह, शुक्रवार 10 जुलाई को सीएचसी रावतसर, 13 जुलाई सोवमार को सीएचसी रामगढ़ व हनुमानगढ़ टाउन स्थित अपना घर आश्रम, 14 जुलाई मंगलवार को जंक्शन स्थित बाल सुधार गृह व पीएचसी डूंगराना, 17 जुलाई शुक्रवार को सीएचसी टिब्बी, 20 जुलाई सोमवार को हनुमानगढ़ जिला कारागृह, नोहर उपजिला कारागृह एवं भादरा उपजिला कारागृह एवं 24 जुलाई शुक्रवार को सीएचसी पीलीबंगा में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे।
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रत्येक शिविर में मरीजों का पंजीकरण कर आवश्यक रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा तथा उपचार के बाद उनकी प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। अभियान के सफल संचालन के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा।उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से प्रभावित है तो उसे बिना किसी संकोच के इन नि:शुल्क शिविरों में लेकर आएं। समय पर उपचार, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग से नशे की लत से पूरी तरह मुक्ति संभव है।
डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि 'नशामुक्ति केवल एक व्यक्ति का उपचार नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनसहभागिता से ही नशामुक्त हनुमानगढ़ और नशामुक्त राजस्थान का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। '
.jpg)