पंचायतीराज आम चुनाव हेतु जिले में धारा 163 लागू
पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
हथियारों के प्रदर्शन, बिना अनुमति जुलूस-सभा, भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट और चुनावी गतिविधियों पर प्रतिबंध; आदेश 28 नवंबर तक प्रभावी
हनुमानगढ़। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने तथा जिले में कानून-व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट डॉ. खुशाल यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश 5 अक्टूबर से लागू किए गए है जो निर्वाचन प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संपन्न होने तक, 28 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार पंचायतीराज चुनाव वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक, घातक या रासायनिक पदार्थ, आग्नेयास्त्र तथा तलवार, भाला, कृपाण, छुरी, गुप्ती, कटार, धारिया सहित अन्य धारदार अथवा घातक हथियार लेकर चलने, उनके प्रदर्शन या सार्वजनिक रूप से धारण करने पर प्रतिबंध रहेगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड, अधिकृत सुरक्षा गार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को इससे छूट रहेगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने वाले सिख समुदाय के व्यक्तियों तथा निर्धारित परिस्थितियों में दिव्यांग एवं बीमार व्यक्तियों को लाठी के उपयोग की छूट दी गई है।
हनुमानगढ़ जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा में प्रतिबंधित श्रेणी के हथियार अपने साथ नहीं ला सकेगा और न ही उनका सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन कर सकेगा। वहीं संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अथवा अधिकृत प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस, सभा, धरना या रैली आयोजित नहीं की जा सकेगी। ध्वनि प्रसारण यंत्र के उपयोग के लिए भी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी तथा उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा इसकी अनुमति प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि के लिए ही दी जा सकेगी।
आदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से लोकशांति भंग करने वाले धार्मिक उन्माद, जातिगत या सामाजिक द्वेष, दुष्प्रचार, उत्तेजक भाषण अथवा पोस्ट प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है। साम्प्रदायिक सद्भावना को प्रभावित करने वाले उत्तेजनात्मक नारे, भाषण, पोस्टर, पेम्पलेट अथवा अन्य चुनाव सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर नारे लिखने, प्रतीक चित्रण करने, पोस्टर या होर्डिंग लगाने तथा संपत्तियों का विरूपण करने की अनुमति नहीं होगी।
मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व से घोषित सूखा दिवस तथा मतगणना दिवस पर जिले में शराब एवं मदिरा के उपयोग, बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा अथवा अन्य धार्मिक स्थलों का उपयोग निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा। मतदान दिवस पर मतदान केंद्र तथा मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र की 200 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, सेल फोन एवं वायरलेस के उपयोग और उन्हें साथ लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है।
राजनीतिक दलों के अभ्यर्थियों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा मतदाताओं को वाहनों से मतदान केंद्र तक ले जाने अथवा वहां से वापस लाने पर भी पूर्ण रोक रहेगी। निर्वाचन की आचार संहिता लागू होने से लेकर निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 24 घंटे बाद तक जिला निर्वाचन अधिकारी एवं संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों तथा जिला कलेक्ट्रेट के बाहरी परिसर से 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरने या सभा की अनुमति नहीं होगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के लिए लागू आदर्श आचार संहिता तथा राज्य निर्वाचन आयोग एवं जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 एवं अन्य प्रभावी विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
