अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम
10 अक्टूबर को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस
बालिका सशक्तीकरण के लिए जिले में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, किशोरी मेलों में प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर को जिले में बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें” रखी गई है।
जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा हनुमानगढ़ की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर 7 अक्टूबर से पहले किशोरी मेलों का आयोजन किया जाएगा। मेलों में बालिकाओं द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों एवं गतिविधियों को शैक्षिक मेले में स्टॉल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
प्राथमिक स्तर पर तीन जोन में गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें हिंदी-अंग्रेजी, गणित-विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान एवं समसामयिक परिप्रेक्ष्य, स्वास्थ्य एवं हाइजीन, बाल अधिकार एवं सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए “जीवन की तैयारी समारोह” में दस्तावेजों की समझ, गणित-विज्ञान, छात्रवृत्ति एवं योजनाएं, करियर की तैयारी, बाल अधिकार एवं सुरक्षा आदि विषयों पर गतिविधियां होंगी।
जिले के सातों ब्लॉकों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं का चयन भी किया जाएगा। इनमें कक्षा 10 व 12 में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाएं, खेल प्रतिभाएं, मीना राजू/गार्गी मंच की प्रभावी संचालक, आत्मरक्षा प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाएं, कला एवं प्रतिभा के क्षेत्र में उत्कृष्ट बालिकाएं, केजीबीवी की प्रतिभावान बालिकाएं तथा शैक्षिक उत्सव की विजेता बालिकाएं शामिल हैं। कुल 152 बालिकाओं के चयन का अनुमान है।
चयनित उत्कृष्ट बालिकाओं की उपलब्धियों को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा तथा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक से एक शिक्षिका को “एस्कॉर्ट” के रूप में चयनित किया जाएगा।
जिला स्तर पर बालिकाओं को प्रोत्साहित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम बालिका शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण का संदेश देंगे।
