महिला किसान दिवस पर गोष्ठी आयोजित
महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष एवं महिला किसान दिवस पर गोष्ठी आयोजित, करीब 200 महिला किसानों और प्रगतिशील कृषकों ने लिया भाग
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 एवं महिला किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित कृषि भवन परिसर में ब्लॉक स्तरीय एक दिवसीय किसान गोष्ठी आयोजित की गई। जिला कलक्टर एवं आत्मा शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में करीब 200 महिला किसानों और प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। इसमें आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, पशुपालन, उद्यानिकी और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिला कलक्टर ने कृषि में नवाचार, कृषि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान केंद्रों द्वारा विकसित वैज्ञानिक फसल पद्धतियों को अपनाने, जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया। कृषि संयुक्त निदेशक डॉ. यशवंती चौधरी ने कृषि और देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
गोष्ठी में सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. अभिषेक गोदारा ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व और मिट्टी एवं जल के नमूने लेने की सही विधियों के बारे में बताया। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर फसलों में खाद एवं उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने पर जोर दिया। कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने रबी फसलों की उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. राधेश्याम ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। पशुपालन संबंधी जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र नोहर के पशु वैज्ञानिक डॉ. विक्रमजीत सिंह ने पशुओं में बांझपन, कृत्रिम गर्भाधान और वैज्ञानिक पशु प्रबंधन के बारे में बताया। पशु चिकित्सक डॉ. मृणालिका ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और नि:शुल्क पशु दवा योजना की जानकारी दी। वहीं, गंगमूल डेयरी के श्री ज्ञानचंद स्वामी ने दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए संचालित योजनाओं और पोर्टेबल बायोगैस संयंत्र के बारे में बताया।
किसानों को आत्मनिर्भर दलहन मिशन, आत्मनिर्भर तिलहन मिशन और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. राजेंद्र बेनीवाल ने विशेष रूप से कृषि विषय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया। सहायक कृषि अधिकारी श्री विनीत कुमार सेतिया ने डिग्गी एवं फार्म पौंड निर्माण, कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर, तारबंदी और मिनीकिट सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला ने उद्यानिकी योजनाओं के बारे में बताया, जबकि डॉ. सुगन सिंह गोदारा ने मत्स्य पालकों के लिए संचालित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. सुभाष चंद्र डूडी ने आत्मा योजना के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए जिला कलक्टर के निर्देशन में संचालित किसान पोर्टल से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियां, विभागीय योजनाओं की जानकारी और उत्कृष्ट कृषकों के वीडियो उपलब्ध हैं।
उप परियोजना निदेशक आत्मा श्री विनोद पोटलिया ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। गोष्ठी में कृषि विभाग की सहायक कृषि अधिकारी श्रीमती मीना कुमारी, श्रीमती अनु रानी सहित अन्य क्षेत्रीय कार्मिक भी मौजूद रहे।
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