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स्थानीय व खादी उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू

स्थानीय व खादी उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू

स्थानीय व खादी उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु प्रदर्शनी का आगाज़

जिला कलेक्टर व एडीएम ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, 120 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत सम्मेलन एवं प्रशिक्षण सत्र


हनुमानगढ़। राज्य सरकार की मंशानुरूप सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत स्थानीय व खादी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जंक्शन स्थित जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। यह प्रदर्शनी 25 सितम्बर से शुरू होकर 2 अक्टूबर, 2025 तक चलेगी। प्रदर्शनी में जिलेभर से आए उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छात्रों ने भाग लेकर अपनी उत्पादक क्षमता का प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी के पहले दिन 25 सितम्बर को लगभग 24 स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्थानीय व खादी उत्पादों की विविधता प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदीलाल मीना ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्यमियों व उत्पादकों से संवाद कर उनके अनुभवों और चुनौतियों की जानकारी ली तथा जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस कार्यक्रम में विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, उद्यमी, राजीविका एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य, आरसेटी प्रतिनिधि तथा राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित लगभग 120 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, कपड़ा, खादी वस्त्र, हस्तनिर्मित सामग्री, खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद एवं अन्य ग्रामीण उद्यमिता आधारित उत्पाद प्रमुख आकर्षण रहे।


जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय व खादी उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां न केवल ग्रामीण व शहरी उद्यमियों को मंच प्रदान करती हैं, बल्कि उनके उत्पादों की विपणन क्षमता को भी बढ़ाती हैं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत सम्मेलन एवं प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित

इसी क्रम में गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत सम्मेलन एवं प्रशिक्षण सत्र का आयोजन भी हुआ। इसमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इस योजना का उद्देश्य दलित एवं आदिवासी समुदाय के युवाओं व उद्यमियों को स्वरोजगार और उद्योग स्थापना हेतु प्रोत्साहित करना है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक श्रीमती आकाशदीप सिद्धु ने कहा कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय एवं खादी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे उद्यमियों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सिद्धु ने जिले के युवा व महिलाओं से स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।


उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी 2 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें प्रतिदिन विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक उद्यमी व आगंतुक अधिक जानकारी के लिए सीधे जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।

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