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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम

शिक्षा से बड़ा कोई हथियार नहीं है, अपने पंखों को फैलाइए, आसमान खुला है: जिला कलेक्टर, सुनहरे भविष्य के लिए बच्चियों का सशक्तीकरण की थीम पर मनाया  बालिका दिवस, कन्या महाविद्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम

हनुमानगढ़। "सुनहरे भविष्य के लिए बच्चियों का सशक्तीकरण" की थीम पर जिले भर में शुक्रवार को बालिका दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। बालिका दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम जंक्शन स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में कॉलेज छात्रा कुमारी दिव्या ने घरेलू हिंसा पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि बेहतर समाज की स्थापना के लिए बालिकाओं को शिक्षित करना और उन्हें आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। इस दौरान बालिकाओं ने कालबेलिया नृत्य, भांगड़ा और राजस्थानी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिला कलेक्टर ने बालिका दिवस के अवसर पर बच्चियों के साथ मशाल जलाकर 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' का संदेश दिया। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालय कोहला के बच्चों ने 'बेटियां बोझ नहीं होतीं' विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की।राजकीय विद्यालय मक्कासर की बच्चियों ने आत्मरक्षा की तकनीकें प्रस्तुत कर सभी को प्रेरित किया। जिला औषधि केंद्र के डीपीसी डॉ. प्रीतमोहिन्दर सिंह ने बच्चों में एनीमिया की समस्या और उसकी पूर्ति के उपायों पर जानकारी दी। जिला अस्पताल के डॉ. भजनलाल ने सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत घायलों को त्वरित उपचार देने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। पीएमश्री स्कूल जोड़किया की 30 छात्राओं को अतिथियों द्वारा स्वेटर वितरित किए गए। जिला कलेक्टर काना राम ने कहा कि बालिका दिवस बेटियों के महत्व और उनके होने की खुशी को मनाने का दिन है। जिनके घर बेटियां नहीं हैं, वे इस एहसास को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। कार्यक्रम में बालिकाओं ने मनमोहक, प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं ।। बच्चियों के स्वास्थ्य, सामान्य अधिकार और निर्णय लेने की क्षमता को लेकर अभी भी समाज में भेदभाव व्याप्त है, जिसे हमें मिलकर समाप्त करना होगा।


शिक्षा से बड़ा कोई हथियार नहीं

जिला कलेक्टर ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ है। इस अभियान को शिक्षा से जोड़ा गया है, क्योंकि शिक्षा से बड़ा कोई हथियार नहीं है। बेटियों ने हर उस अवसर का लाभ उठाया है, जो उन्हें मिला। उन्होंने अपने हुनर और मेहनत से समाज को यह दिखाया है कि वे किसी से कम नहीं है। शिक्षा प्राप्त करें, क्योंकि यह रोजगार के नए अवसर प्रदान करती है, जो आपको निर्णय लेने और समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। कलेक्टर ने कहा कि यह अवसर खेल, निजी और सरकारी क्षेत्र में आपके भविष्य का निर्माण करेगा। इसके साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना होगा। कई बार गंभीर बीमारियां समय पर पहचान में नहीं आतीं, जिससे बाद में उनका इलाज मुश्किल हो जाता है। इसलिए, बच्चियों को चाहिए कि वे डॉक्टर, परिजनों, गुरुजनों और दोस्तों से संवाद करें। शिक्षा और स्वास्थ्य हासिल कर लेने के बाद आपका भविष्य सुरक्षित होगा। अंत में उन्होंने कहा, “अपने पंखों को फैलाइए, आसमान खुला है। यदि अवसर नहीं हैं, तो अवसरों का निर्माण कीजिए।” पुलिस उपमहानिरीक्षक अरशद अली ने बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करना न केवल बड़ों के लिए, बल्कि बच्चों के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने ‘किड विद क्राउन’ कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि हेलमेट पहनने का संदेश बेहतरीन तरीके से दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध और साइबर अपराधों से बचाव के लिए ‘साइबर शील्ड’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी मोबाइल हैक कर ओटीपी लेकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं पिछले आठ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। 

कुछ पलों की लापरवाही, से खत्म हो रही जिंदगियां

यातायात सुरक्षा पर भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतें अन्य कारणों की तुलना में कई गुना अधिक हैं। उन्होंने कहा कि जिंदगी आपकी है, इसके मालिक आप हैं। कुछ पलों की लापरवाही से यह जिंदगी खत्म हो सकती है। इसलिए यातायात नियमों का पालन करें। नशामुक्ति अभियान पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यदि बच्चियां अपने घर जाकर नशे के खिलाफ आवाज उठाएंगी, तो यह जिले को नशामुक्त करने में एक बड़ा कदम होगा। नशा हमारे समाज के लिए एक खरपतवार की तरह है। यदि इसे समय पर समाप्त नहीं किया गया, तो यह पूरी फसल को बर्बाद कर देगा। जनप्रतिनिधि देवेंद्र पारीक ने बालिका दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां बेटों से किसी भी मामले में कम नहीं हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।

इनको किया गया सम्मानित

राजकीय कन्या महाविद्यालय में 'कन्या भ्रूण हत्या' विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विजेता बालिकाओं इंदु, सिमरन, नताशा और अनुराधा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। टीकाकरण और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह आशा कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। डूंगराना सरकारी स्कूल के बच्चों को विभिन्न कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। चिकित्सा विभाग की श्रीमती रेणु को आरजेएस में चयनित होने पर सम्मानित किया गया। महिला पत्रकार श्रीमती मैना देवी को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

यह रहें मौजूद

कार्यक्रम में जिला प्रमुख श्रीमती कविता मेघवाल, जिलाध्यक्ष श्री देवेन्द्र पारीक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा, महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक प्रवेश सोलंकी, जन प्रतिनिधि दयाराम जाखड़, हनुमानगढ़ एसडीएम मांगीलाल सुथार, डीपीसी डॉ. प्रीतमोहिन्दर सिंह, तरुण विजय, डॉ. भजनलाल, शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, राजकीय कन्या विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित चिकित्सा विभाग, महिला अधिकारिता विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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