कृषि महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ,300 से अधिक स्टार्टअप ने दिखाए नवाचार
कृषि महोत्सव 2025, उन्नत कृषि तकनीकी मेले का भव्य शुभारंभ, मेले में आए किसानों में दिखा उत्साह
300 से अधिक स्टार्टअप ने दिखाए नवाचार, लगाई प्रदर्शनी
राजसखी मेले 2025 का शुभारंभ, हाथों से निर्मित अनूठे उत्पादों की प्रदर्शनी
हनुमानगढ। हनुमानगढ़ की एसकेडी यूनिवर्सिटी में शनिवार को भव्य कृषि मेले का रंगारंग शुभारंभ हुआ। मेले में उमड़ी भीड़ कृषकों के उत्साह को बयां कर रही थी। 8 से 10 मार्च तक एसकेडी विश्वविद्यालय में आयोजित हो रहे कृषि महोत्सव 2025, उन्नत कृषि तकनीकी मेले का राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी, जिला कलेक्टर काना राम, एसपी अरशद अली, पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप सहू, पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने विधिवत् शुभारंभ किया। मेले के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं अधिकारियों ने मेले में लगाई गई सभी स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया। शुभारंभ के अवसर पर पंजाबी सूफी कलाकार कंवर ग्रेवाल ने "मस्त बना देण गे बीबा" और "टिकटा दो ले लेई" से शमां बांधा, वहीं हास्य कलाकार ख्याली सहारण ने दर्शकों को अपने निराले अंदाज में हंसाया। मेले के शुभारंभ पर ही कृषकों की भारी भीड़ उमड़ी।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण को लेकर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदियां जोड़ने सहित बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य किया है। ईआरसीपी जैसे बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा है। यह मेला क्रांति के रूप में आगे बढ़ेगा। जिला कलेक्टर काना राम ने कहा कि कृषक साथी लैब की किस्मों को भूमि पर लाए। यह मेला किसानों की आय को दुगनी करने में अहम भूमिका निभाएगा। हनुमानगढ़ को अन्न का कटोरा कहते हैं। विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, उत्पादकों, नवाचारों सहित 300 से अधिक स्टार्टअप की कंपनियां कृषि मेले में शामिल हुई है। जिनसे कृषक लाभान्वित होगा। उन्होंने कृषकों से कृषक वैज्ञानिक संवाद के प्रत्येक सेशन में उपस्थित रहने का आग्रह किया ताकि वो लाभांवित हो सके।
किसानों की आय को दुगनी करने में अहम भूमिका निभाएगा मेला: जिला कलेक्टर
किसान और सरकार के मध्य सेतु का कार्य कर रहा है किसान आयोग: सी.आर. चौधरी
राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने कहा कि कृषि महोत्सव जिले के किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। किसानों एवं सरकार के मध्य किसान आयोग सेतु का कार्य करता है । किसानों का अनुभव एवं वैज्ञानिकों की तकनीक अगर साथ आ जाए तो किसान क्रांति ला सकता है। प्रत्येक व्यक्ति आजकल गुणवत्ता चाहता है, इसलिए किसान साथी केमिकल मुक्त तथा नेचुरल खेती पर ध्यान केंद्रित करें। राजस्थान में डबल इंजन की सरकार है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। चौधरी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही 8 हजार की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई है। किसानों को गेहूं की एमएसपी पर दिए जा रहे 125 रुपए प्रति क्विंटल के बोनस को 150 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस किया गया है। पिछले बजट में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना शुरू की थी, इस बजट में इस योजना में बीमित पशुओं की संख्या को दो गुना किया गया है। गौशालाओं तथा नंदीशालाओं में प्रति पशु अनुदान बढ़कर 50 रुपए प्रति दिन किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
राजसखी मेले का शुभारम्भ, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को खरीदने के लिए उमड़ी भीड़
कृषि मेले के साथ ही 8 से 11 मार्च तक आयोजित हो रहे राजसखी मेला 2025 का भी शुभारंभ किया गया। मेले में प्रदेश के कोने-कोने से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित अनूठे उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा बिक्री के लिए स्टॉल्स लगाई गई। मेले का राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी और जनप्रतिनिधियों ने विधिवत रूप से शनिवार को शुभारंभ किया। मेले में खरीददारों की भीड़ रही। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 10 फ़ीसदी की अतिरिक्त छूट दी गई। वैभव अरोड़ा ने बताया कि मेले में प्रत्येक दिन 999 रुपए से अधिक की खरीद पर तीन लक्की ड्रा निकालकर पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
पशु सौंदर्य प्रतियोगिता ने खींचा ध्यान, देसी गायों का रहा बोलबाला*
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मेले में दोपहर पश्चात पशु सौंदर्य प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। बछड़िया काटड़िया, देसी गाय की साहिवाल, गिर, राठी, थारपारकर, वहीं भैंस की मुर्रा, नीली रावी तथा छोटे पशुओं में भेड़, बकरी और सूअर की सौंदर्य प्रतियोगिता हुई। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुओं के पालकों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही क्षेत्रीय दलहन अनुसंधान संस्थान, बीकानेर के वैज्ञानिक डॉ. राजेश बिश्नोई ने दलहन फसल उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, क्षेत्रीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान बीकानेर के डॉ. राजाराम ने मूंगफली उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक के बारे में तथा केवीके वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कटेवा ने पशुओं में खाद्य प्रबंधन को लेकर कृषकों और पशुपालकों को जानकारी दी। कृषक वैज्ञानिक संवाद के उपरांत प्रश्नोत्तरी हुई, जिसमें सही जवाब देने वाले कृषकों को विशेष पुरस्कार वितरित किया गया।
कार्यक्रमों में यह रहें मौजूद
शुभारंभ कार्यक्रम में श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, पूर्व सांसद निहालचंद, कैलाश मेघवाल, पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया, पूर्व विधायक गुरदीप शाहपिनी, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, श्रीमती प्रियंका बेलान, शरणपाल सिंह, अमित सहू, सुमित रिणवा, विकास गुप्ता, हरजिंदर, श्रीमती द्रौपदी मेघवाल, श्रीमती गुलाब सिंवर, भूपेंद्र चौधरी, श्रीमती संतोष बांवरी, बलवीर बिश्नोई, दयाराम जाखड़, नोहर पंचायत समिति प्रधान सोहन ढील, एमएसएमई के अतिरिक्त निदेशक राय बहादुर, एसकेडी डायरेक्टर बाबूलाल जुनेजा, दिनेश जुनेजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और किसान मौजूद रहें।
ग्राउंड रिपोर्ट......
मेले में आए कृषक की जुबानी.......
मैं सुबह 11:00 मेले में पहुंच गया था। मैंने पूरे राजस्थान में ऐसा मेला नहीं देखा। मैं लुधियाना एवं हिसार कृषि मेले में भी गया हूं, परंतु यहां की व्यवस्थाएं एवं नवीन तकनीक के बारे में लगाई गई स्टॉल्स कहीं नहीं देखी। मेले में नवीन खाद, आधुनिक एवं नवीन कृषि संयंत्र को देखने को मिले। अच्छी किस्म के पशु देखने को मिले, उनकी प्रतियोगिताएं भी देखी। यह मेला किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
- यासीन खान, अमरपुरा थेड़ी













