कलक्टर क्लास में चयन के लिए प्रवेश परीक्षा 1 फरवरी को
कलक्टर क्लास: 1 फरवरी को टाऊन के एनएमपीजी कॉलेज में होगी चयन प्रवेश परीक्षा
ऑनलाइन आवेदनकर्ता ही देंगे परीक्षा, 8 फरवरी से शुरू होंगी नियमित क्लासेज
हनुमानगढ़। आर्थिक रूप से कमजोर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए जिले में पहली बार संगठित, सुव्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता वाले निःशुल्क कोचिंग मॉडल की शुरुआत की जा रही है। निःशुल्क कोचिंग के लिए प्रवेश हेतु 20 जनवरी, 2026 तक इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। कलक्टर क्लास के प्रति विद्यार्थियों में दिखे उत्साह के चलते निर्धारित अवधि में 1400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
नोडल अधिकारी डॉ. रामपाल ने बताया कि आवेदकों की अधिक संख्या को देखते हुए 1 फरवरी, 2026 (रविवार) को हनुमानगढ़ टाऊन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल पीजी महाविद्यालय में चयन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में केवल वे ही विद्यार्थी सम्मिलित हो सकेंगे, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया है। परीक्षा का समय दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक निर्धारित है। विद्यार्थियों को 12:30 बजे तक उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
परीक्षा में सामान्य ज्ञान के 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। ओएमआर आधारित इस परीक्षा के आधार पर ही चयन किया जाएगा। परिणाम शीघ्र जारी कर 8 फरवरी, 2026 से नियमित कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी। रोल नंबर का वितरण परीक्षा दिवस पर ही परीक्षा केंद्र पर किया जाएगा। परीक्षार्थियों को आधार कार्ड या किसी वैध फोटो पहचान पत्र के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि यह पहल केवल निःशुल्क कोचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि सतत निगरानी, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रणाली का समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक बच्चा सरकारी नौकरी की तैयारी में समान अवसर प्राप्त करे। अब प्रतिभा गांव की गलियों से निकलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में चमकेगी।
कैसे काम करेगा निःशुल्क कोचिंग मॉडल (कलक्टर क्लास)?
जिला प्रशासन ने विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसा सिलेबस तैयार किया है, जो विद्यार्थियों को आरएएस, पटवार, समान पात्रता परीक्षा, रीट, एलडीसी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं तथा कॉलेज विद्यार्थियों के फाउंडेशन कोर्स—दोनों के लिए उपयोगी होगा। पूरा पाठ्यक्रम लगभग 850 से 900 घंटे में पूरा कराया जाएगा। प्रतिदिन औसतन 2.5 घंटे, जबकि अवकाश के दिनों में 7.5 घंटे तक कक्षाएं होंगी। इस प्रकार 6–7 माह में संपूर्ण कोर्स पूरा कराया जाएगा। कोचिंग के लिए जिले के अनुभवी सरकारी शिक्षक और कॉलेज प्राध्यापक स्वयंसेवक के रूप में जोड़े गए हैं, जो विद्यालय/महाविद्यालय समय के अतिरिक्त अध्यापन करेंगे।
गणित, सामान्य ज्ञान, समसामयिकी, सामान्य अंग्रेज़ी, हिन्दी, राजस्थान सामान्य अध्ययन आदि विषयों के विशेषज्ञों की 12+ सदस्यों की टीम विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देगी। इसके अलावा, जिला कलेक्टर, एसपी सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी प्रोत्साहन कक्षाओं के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। कोचिंग में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की नियमित प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाएगा। जिला प्रशासन की योजना इस मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार देने की है, ताकि दूर-दराज़ के विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सके। भविष्य में विद्यालयों की आईसीटी लैब में ऑनलाइन क्लासेज संचालित करने की योजना है, जिसमें एक ही समय पर सभी स्थानों पर कक्षाएं उपलब्ध होंगी। यह राजस्थान में अपनी तरह का पहला नवाचार है।
सार्वजनिक क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
राज्य सरकार ने पेपर लीक प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई की है और युवाओं को व्यापक रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरिया प्रदान की जा चुकी हैं तथा लगभग डेढ़ लाख पदों पर चयन प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में सरकारी क्षेत्र में 4 लाख तथा निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का है। निजी क्षेत्र में अब तक 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र में 1 लाख भर्तियों का कैलेंडर भी जारी किया गया है।
