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गोगामेड़ी नववर्ष मेला 2026

गोगामेड़ी नववर्ष मेला 2026

नववर्ष के आगमन पर गोगामेड़ी में श्रद्धा और आस्था का जनसैलाब उमड़ा



हनुमानगढ़। राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर श्री गोगाजी गोगामेडी नववर्ष मेला—2026 का शुक्रवार को सफलतापूर्ण समापन हुआ। मेले में श्री गोगाजी के दर्शनार्थ लगभग 5 लाख श्रद्धालु आए। श्रद्धालुओं की सुविधार्थ देवस्थान विभाग द्वारा निःशुल्क रैन बसेरे बनाए गए, जिसमें मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था, सर्दी से बचाव के लिए अलाव (हमाम), पलंग, गद्दे, रजाईयां, चल-शौचालयों इत्यादि की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।


साथ ही विभाग द्वारा रैन बसेरो में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विश्व कहानी केन्द्र हरियाणा के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सालय की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुविधार्थ सी.सी.टी.वी. कैमरों की व्यवस्था भी नववर्ष मेले में पहली बार की गई। साथ ही निज मंदिर एवं मंदिर परिसर को कृत्रिम एवं प्राकृतिक फूलों से सजाया गया।

मेले में कार्यक्रमों की श्रखला में पंच-गौरव कार्यक्रम (एक जिला एक पर्यटन) के तहत 30 दिसम्बर को भव्य शोभा यात्रा के साथ लोक कला संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आमत्रित लोक कलाकारों द्वारा सास्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें सर्व प्रथम मशकवादन दल सूरतगढ़ सजे-धजे रोबीले ग्रुप बीकानेर पंच-गौरव का बैनर लिये हुए शोभा यात्रा के क्रम में शेखावटी क्षेत्र की प्रसिद्ध कला चंग ढफ, श्री गोगाजी की स्तुती करते हुए सरदारशहर का डेरू ग्रुप, पाबुसर चुरू का ढोल चाली ग्रुप, बीन बासुरी भपंग के स्थानीय कलाकार के साथ कच्छी घोड़ी लोक नृत्य बीकानेर ग्रुप द्वारा अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई। शोभा यात्रा में सजे-धजे उंटों का काफीला, नाचते-गाते कलाकारों के साथ गोरख टीला से श्रीगोगाजी मंदिर तक पहुंचे। साथ ही देवस्थान विभाग द्वारा 29 दिसंबर से 2 जनवरी, 2026 तक पांच दिवसीय भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।

दो दिवसीय सास्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन हनुमानगढ़, देवस्थान विभाग एवं पर्यटन विभाग के आपसी सहायोग से पहली बार किया गया। सास्कृतिक सांध्या में राजस्थानी लोक कला सस्कृति का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आमंत्रित लोक कलाकारों द्वारा सास्कृतिक एवं अध्यात्मिक प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें सर्व प्रथम सुफी बैंड बाड़मेर के कलाकारों द्वारा बोल, भपंग, मोरचंग, खडताल की जुगलबन्दी का प्रदर्शन दिखाया तथा सुफी गायन की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भवाई लोक नृत्य बीकानेर दल, कालबेलिया लोक नृत्य जोधपुर, सुप्रसिद्ध किशनगढ़ अजमेर का चरी लोक नृत्य, डेक ग्रुप सरदार शहर ने गोगाजी की स्तुति भजन गायन तथा लोक नृत्य फंजाबी भागंड़ा दल श्रीगंगानगर द्वारा पारम्परिक लोक वाद्य यंत्र की प्रस्तुतिया दी।

मेले में पुलिस प्रशासन द्वारा निज मंदिर, मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में कानुन, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग दिया गया। सहायक आयुक्त श्री ओम प्रकाश ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधार्थ देवस्थान विभाग द्वारा अतिरिक्त सी.सी.टी.वी कैमरों की व्यवस्था के साथ-साथ मंदिर के बाहर की और 02 एल.सी.डी. के माध्यम से श्री गोगाजी के लाईव दर्शन की भी व्यवस्था की गई। साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के बाहर की ओर लाईव लाईटिंग शो किया गया।

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