जिला कलेक्टर की समीक्षा बैठक
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक आयोजित
हनुमानगढ़। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पानी चोरी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि सहायक निदेशक द्वारा जिले में फसल बीमा कार्यों की विस्तृत प्रगति से अवगत करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार खरीफ 2023 में भादरा व नोहर तहसील की क्रमशः 33 एवं 30 फसल युग्मों (कुल 63 बीमा इकाइयों—पटवार मंडल) के बीमा क्लेम पर फसल बीमा कंपनी द्वारा दर्ज आपत्तियों का पूर्ण निस्तारण कर दिया गया है। इससे जिले को 98.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा क्लेम प्राप्त हुआ है। इस प्रकार खरीफ 2023 में जिले के पात्र किसानों हेतु कुल 274.30 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम निर्धारित हुआ है।
बैठक में बताया गया कि रबी 2021-22 से रबी 2022-23 तक के फसल बीमा बाउंस क्लेम के 3037 प्रकरणों की सूची बीमा कंपनी एआईसी द्वारा दिसंबर 2025 में जिला स्तर पर उपलब्ध करवाई गई थी। 2 से 5 जनवरी 2026 तक जिले की सभी तहसीलों में विशेष कैंप आयोजित कर 2066 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। किसानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर आवेदन एआईसी को भेज दिए गए हैं। इन प्रकरणों के भुगतान को बीमा कंपनी के माध्यम से शीघ्र करवाने की कार्यवाही प्रगति पर है।
जिला कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को बकाया फसल बीमा क्लेम खरीफ 2023 के लगभग 99 करोड़ रुपए को 7 दिवस में किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए। विभाग के अधिकारियों ने 20 से 25 जनवरी तक किसानों के खाते में भुगतान करवाने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त विशेष कैंपों के माध्यम से 2066 किसानों के खातों की री—केवाईसी करवा कर उन्हें भी भुगतान करवाने के निर्देश दिए गए। किसानों की अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकताओं से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने हैं, उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों से अन्य सभी किसानों को भी लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने नोहर जल संसाधन विभाग अधीक्षण अभियंता को पानी चोरी क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग करने, ड्रोन सर्वे एवं टीम बनाकर नोहर तथा भादरा क्षेत्र में सिंचाई पानी की चोरी को रोकने तथा चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बड़ोपल क्षेत्र में किसानों की समस्याओं के समाधान के संबंध में भी सहमति अनुसार कार्य को शीघ्र संपादित करने के निर्देश दिए गए।


