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उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम

उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम

दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्र में सेवा की गुणवत्ता के लिए भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण प्रतिबद्ध 

सेवा गुणवत्ता के लिए उपभोक्ता की जागरूकता जरूरी है - संजय आर्य


चिड़ावा ( झुंझुनूं) : दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्र में सेवा की गुणवत्ता के लिए भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण उपभोक्ताओं के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन उसके लिए उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता है। यह बात उपभोक्ता संरक्षण समिति, संगरिया जिला हनुमानगढ़ राजस्थान के अध्यक्ष संजय आर्य ने जीवनी बी.एड.काॅलेज, चिड़ावा में भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण की सहभागिता से आयोजित उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम में कही। उन्होंने इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उद्धबोधन करते हुए कही, उन्होंने कहा कि हाॅल ही में भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण ने 2 अगस्त 2024 को संशोधित विनियम-एक्सेस (वायरलाईन और वायरलैस) तथा ब्राॅडबैण्ड (वायरलाई और वायरलैस) सेवा की गुणवत्ता मानक विनियम प्रवृत्त किये हैं, जो कि फिक्स और मोबाईल तथा ब्राॅडबैण्ड सेवाओं पर लागू होते हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सेवा के गुणवत्ता के मानक भारतीय दूर संचार विनियामक के ड्राईव टैस्ट, डिजीटल कनैक्टीविटी फ्रेम वर्क के लिए सम्पत्तियों की रेटिंग, प्रसारण सेवाओं के मानक तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए समस्या निराकरण प्रणाली के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके साथ-साथ उन्होंने उपभोक्ताओं को साईबर अपराध से भी सतर्क करते हुए स्मार्ट फोन की तरह स्मार्ट बनने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों से जुड़ने और अधिक से अधिक समय ज्ञानवर्धन में लगाने की बात कहते हुए प्रेरित किया।

इस अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड के उपखण्ड अधिकारी (दूर संचार) चिड़ावा राजेश कुमार तथा जे.टी.ओ. राजकुमार ने भी भारत दूर संचार निगम लिमिटेड की ओर से उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ दूर संचार उपभोक्ताओं की सेवा के विस्तार के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की।

संस्था के निदेशक सांवर मल मील ने उपभोक्ता संरक्षण समिति, संगरिया के उपभोक्ता जागरूकता के सम्बन्ध में किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षु शिक्षकों से कहा कि आपने शिक्षक बनने के बाद भारत के भविष्य की नींव बच्चों को शिक्षित करना है। शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तक अध्ययन नहीं है बल्कि उसे प्रायोगिक रूप से जीवन में अपनाना भी है। लोकतंत्र में प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना तथा कर्तव्यों के निवर्हन के प्रति तत्पर होना आवश्यक है। 

इस अवसर पर उपभोक्ता जागरूकता प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए संस्था के प्राचार्य नरेन्द्र सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से केवल प्रतिभागी प्रशिक्षु शिक्षकों को ही नहीं बल्कि महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाॅफ भी लाभान्वित हुआ है। उन्होंने कहा  िकइस तरह के कार्यक्रम अधिक से अधिक आयोजित किए जाने चाहिए तथा उनका व्यापक प्रचार-प्रसार आम व्यक्ति तक भी पहुंचना चाहिए जिससे कि जागरूकता की बात एक-एक व्यक्ति के माध्यम से विस्तारित हो।

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