ग्राम उत्थान शिविर
ग्राम उत्थान शिविरों से उमड़ा खुशहाली का सैलाब
जिले में अब तक 21 शिविरों में हजारों ग्रामीणों को मिला 13 विभागों की योजनाओं का लाभ और जानकारी
कृषि, पशुपालन और सहकारिता समेत 13 विभागों की सेवाओं का मौके पर ही मिल रहा लाभ
हनुमानगढ़। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच और सुशासन के संकल्प का असर अब जिले के ग्रामीण अंचलों में धरातल पर दिखने लगा है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘ग्राम उत्थान शिविर’ ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का सबसे सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। शिविर के प्रथम चरण के तीन दिनों में जिले में 21 शिविर आयोजित कर सरकार के 13 प्रमुख विभागों की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों और कार्यक्रमों से आमजन, ग्रामीण एवं कृषकों को जोड़ने की पहल की गई है। शिविरों में विभिन्न योजनाओं में मौके पर ही आवेदन पत्र तैयार करवाए गए तथा पहले दिए आवदेन पत्रों पर लाभ प्रदान किया गया।
एक ही छत के नीचे समाधान
मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशानुसार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पंहुचाने के लिए प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी से प्रारंभ हुए ग्राम उत्थान शिविरों के प्रथम चरण का आयोजन 24, 25 व 31 जनवरी को किया जा रहा है।
किसान और पशुपालक को मिल रहा सम्बल
शिविरों में अन्नदाताओं की आर्थिक उन्नति को प्राथमिकता दी गई है। इसी दिशा में कृषि विभाग द्वारा 849 किसानों को फसल बीमा और 1218 ग्रामीणों को एमएसपी से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही 1294 से अधिक मिनी किट और 1830 क्विं से अधिक बीज वितरण का सत्यापन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा भी करीब 2990 पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा व कृमिनाशक औषधि पिलाई गई और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 550 से अधिक पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए गए। साथ ही क्लासिकल स्वाइन फीवर के करीब 800 प्रतिरोधक टीके लगाए गए। 43 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया, 133 से अधिक फर्टिलिटी किट का वितरण किया गया।
कृषि विभाग द्वारा 427 से ज्यादा सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों को सौंपे गए। उद्यानिकी विभाग ने 67 सोलर पंप के तथा 54 पॉली हाउस से वंचित ग्राम पंचायतों के लिए एक-एक आवेदन तैयार करवाए। पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज योजना में 19 से अधिक आवेदन पत्र तैयार किये गए। इनमें से अधिकतर को लाभ दिया गया तथा किसी के आवेदन पत्र या प्रक्रिया में कोई कमी पाई गई तो मौके पर ही दुरूस्त करवाया गया।
सहकारिता के साथ ही वित्तीय और डिजिटल अधिकार
25 जनवरी तक सहकारिता विभाग ने 1260 किसानों को सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी और 294 से अधिक नए किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए। कृषि व गैर कृषि 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के 48 व कस्टम हायरिंग सेंटर के 101 आवेदन तैयार करवाए गए। सहकारी संस्थाओं की सदस्यता के 165 से अधिक आवेदन स्वीकृत किये गए। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी बैंकों में 25 से अधिक खाते खुलवाए गए। 9 प्रोविजनल डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी का पंजीयन, 11 डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का पंजीयन किया गया, 9 सरस बूथ आवंटन किए गए।
पीएम सूर्यघर से अपने घर के साथ ही जिले को रोशन करने का मिल रहा अवसर
ऊर्जा विभाग ने 22 पात्रों के आवेदन प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में भरवाए हैं। अपने घर को रोशन करने के साथ ही बची हुई बिजली को किसान बेच कर पैसा कमा सकते हैं। इसके अतिरिक्त वीबी जी राम जी की जानकारी 6287 से अधिक लोगों को दी गई। इस अवधि में पंचायती राज विभाग द्वारा 4533 से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए।
अभियान को मिल रही भारी सफलता
शिविरों में बस स्टैंड पर 22 विश्राम स्थल निर्माण के प्रस्ताव तैयार किये गए, दीनदयाल उपाध्याय योजना में 86 से अधिक सर्वे पूर्ण हुए, 8 अनुपयोगी विद्यालय भवन में नई स्वीकृत ग्राम पंचायत भवन का कार्यालय प्रारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त 115 वाटर यूजर एसोसिएशन को सक्रिय किया, 175 नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिन्हीकरण हुआ, युवा स्वरोजगार योजना में 22 आवेदन तैयार करवाए गए।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित
ग्राम उत्थान की सफलता का मूल बिन्दु स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समस्याओं का स्थानीय समाधान तलाशना है। इसके लिए जनभागीदारी और परम्परागत ज्ञान को केन्द्र में रखा गया है। शिविरों में 3146 ग्रामीण, जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें से 92 जनप्रतिनिधि हैं। गांव की आधी आबादी के पास पूरी समस्याओं के समाधान हैं, इसी सोच के साथ महिला शक्ति को शिविरों में पूर्ण भागीदारी दी गई। 659 महिलाओं ने शिविरों में उपस्थित होकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली, आवेदन पत्र तैयार करवाए और अब ये अपने आसपास रहने वाली महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के मिशन में लगी हैं।
ग्राम उत्थान शिविरों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आवेदनों की प्राप्ति एवं जांच, लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी, पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, दस्तावेज़ सत्यापन, योजनाओं से संबंधित ऑन-स्पॉट मार्गदर्शन, प्रमाण पत्र जारी करना, स्वास्थ्य व पशुपालन सेवाएं प्रदान करना, बीज-उर्वरक एवं कृषि आदानों का सत्यापन, सहकारी ऋण एवं बीमा से संबंधित प्रक्रियाएं तथा विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान एवं आवश्यक प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशानुसार शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है। इसी प्रकार द्वितीय चरण में आगामी 1 फरवरी एवं 5 से 9 फरवरी तक भी प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर इन शिविरों का आयोजन होगा। प्रदेशभर में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

