जनगणना—2027
जनगणना—2027 की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला, पारदर्शिता व सटीकता के निर्देश
हनुमानगढ़। जनगणना 2027 के प्रभावी और सुव्यवस्थित संपादन को लेकर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टरों के साथ एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसी सिलसिले में कार्यशाला ने उपरांत जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यशाला में जनगणना के आगामी चरणों, प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण तथा डिजिटल डेटा संग्रहण की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि आगामी दशक के लिए विकास का रोडमैप है। उन्होंने निर्देश दिए कि डेटा संग्रहण में पूर्ण पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
कार्यशाला में बताया गया कि जनगणना 2027 पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी। जिले में जनगणना का पहला चरण—मकान सूचीकरण एवं मकान गणना—16 मई से 14 जून, 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस बार पहली बार स्वः गणना की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसके तहत नागरिक 1 से 15 मई, 2026 के बीच पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिला कलेक्टर ने इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
जिला स्तर पर अधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तर पर डॉ. खुशाल यादव, एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, सांख्यिकी एवं आर्थिक उपनिदेशक डॉ. ममता बिश्नोई तथा नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
13 से 14 फरवरी को प्रशिक्षण कार्यक्रम
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में जिला एवं चार्ज स्तर पर नियुक्त जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण 13 से 14 फरवरी, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक स्वः गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं भरें और घर-घर आने वाले प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली समस्त जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकासात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
