राठीखेड़ा एथेनॉल फैक्ट्री का मामला
फैक्ट्री हटाओ क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति का आह्वान पर तलवाड़ा में महापंचायत
वक्ता बोले-यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, पीढ़ियों और पर्यावरण को बचाने की
कलेक्टर के लिखित आदेश के बाद माने, अब 23 मार्च को आर-पार की लड़ाई का ऐलान, दूसरे दिन शाम को बहाल हुआ नेट
टिब्बी। ब्लॉक के गांव राठीखेड़ा रोही के चक 5 आरके में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध में ऐतिहासिक तलवाड़ा झील की धरा पर बुधवार को हुई चौथी महापंचायत के बाद ये विरोध अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। एथेनॉल फैक्ट्री हटाओ, क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को तलवाड़ा झोल स्थित धानमंडी में महापंचायत हुई। वहीं सुरक्षा और अफवाहों को रोकने के मद्देनजर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए। बुधवार को पूरे दिन इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, वहीं ऐहतियात के तौर पर गुरुवार शाम तक भी इंटरनेट सेवाओं को बंद रखा गया, बाद में बहाल हुई। संघर्ष समिति और प्रदर्शनकारियों का रुख इस बार बेहद सख्त था। समिति ने साफ कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक मिले केवल मौखिक आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। वे एमओयू रद्द करने के लिखित आदेश की मांग कर रहे थे।
एमओयू रद्द हो. मुकदमे वापस लेने का पत्र कलेक्टर ने उच्च स्तर पर भेजा
महापंचायत में यह निर्णय लिया गया कि जब तक कलेक्टर की ओर से कोई ठोस आधिकारिक पत्र नहीं आता, तब तक सभा समाप्त नहीं होगी। दोपहर बाद कलेक्टर द्वारा भेजा गया एक पत्र संघर्ष समिति को प्राप्त हुआ। पत्र में आश्वासन दिया गया कि समिति की मांगों को, जिनमें फैक्ट्री का एमओयू रद्द करना और आंदोलनरत किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना शामिल है, उच्च स्तर पर अग्रेषित कर दिया गया है। पत्र के बाद संघर्ष समिति ने महापंचायत तो समाप्त की, लेकिन आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दे दी। समिति ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए घोषणा की है कि जल, जमीन व शुद्ध हवा को बचाने का आंदोलन, जब तक फैक्टरी का एमओयू रद्द नहीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि उनकी मांगों पर जल्द ही संतोषजनक और ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी 23 मार्च को टिब्बी उपखंड कार्यालय के सामने अगली विशाल महापंचायत की जाएगी।
इस मौके पर महंगा सिंह सिद्ध, रविजीत जोशन, नितिन ढाका, सुधीर सहारण, बलतेज सन्ध, बलजिन्द्र बराड़, रवि रिणवा, मदन दुर्गेसर, जगजीत सिंह जग्गी, जसवीर सिंह भट्टी, मगेज चौधरी, रूमवीर वर्मा, रेशम सिंह मानूका, सुभाष मक्कार, रमेश भादू सहित अनेक किसान नेताओं ने संबोधित किया। बुधवार सुबह से ही धानमंडी में लोगों का जुटना शुरू हो गया था। महापंचायत में न केवल किसान और मजदूर, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हुए। पांडाल खचाखच भरा हुआ था। फैक्ट्री के विरोध में नारे लगाए जा रहे थे। वक्ताओं ने मंच से स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और पर्यावरण को बचाने की है।
प्रशासन ने सादुलपुर-हनुमानगढ़ ट्रेन रद्द कराई
महापंचायत के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर था। मौके पर प्रशासन का भारी पुलिस बल तैनात रहा। तलवाड़ा झील और आसपास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। रेलगाड़ियां रोकने की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन की ओर से ऐहतियातन हनुमानगढ़-सादुलपुर पैसेंजर ट्रेन को रद्द करवाया गया। प्रशासन द्वारा ट्रेन रद्द कराने का यह पहला मामला है।
इंटरनेट सेवा बंद-निषेधाज्ञा रही लागू
तलकड़ा झील में महापंचायत को देखते हुए एहतियात के तौर पर मंगलवार शाम छह बजे रिब्बी तहसील क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया। इसके साथ ही स्थानीय उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने धारा 163 लागू कर दी। इस दौरान शांति व्यवस्था के लिए तथा झील में पुलिस के 750 जवान तैनात तैनात किए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार, राजस्व अपील अधिकारी भवानी सिंह पंवार, डीवाईएसपी करण सिंह, रमेश माचरा व मीनाक्षी, एसडीएम हनुमानगड मांगीलाल सुधार, रावतसर एसडीएच संजय अधिकारी अवि गर्ग, तहसीलदार हरीश कुमार टाक, धानाधिकारी हंसराज लूणा व जगदीश सिंह आदि अलग-अलग स्थानों पर यूटी पर तैनात रहे।




