नवदशकोत्सव शिव जयंती पर कार्यक्रम
त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव, भव्य शोभायात्रा से शुभारंभ, आध्यात्मिकता का दिया संदेश
आत्मा और परमात्मा के मिलन का मनाया स्मरण दिवस
टिब्बी। शहर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेंटर के तत्वाधान में शुक्रवार को बाबा रामदेव मंदिर परिसर में 90 वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण, शोभायात्रा व महोत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अतिथिगणों ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। महोत्सव पर रावतसर केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी निलिमा बहन ने संस्थान के कार्यों और शिव जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान समय में शिव की शिक्षाओं को आत्मसात करने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पीलीबंगा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी रानी बहन ने शिवरात्रि के रहस्य को साझा करते हुए कहा कि शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का स्मरण दिवस है। यह समय अपने विकारों का त्याग कर पवित्रता, शांति और शक्ति को जीवन में धारण करने का है। उन्होंने आगे बताया कि शिव परमात्मा का इस धरा पर 1937 में अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा शिवरात्रि महोत्सव अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। उन्होंने वर्तमान समय में ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की प्रासंगिकता पर बल देते हुए मेडिटेशन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने भगवान शिव को कल्याणकारी बताते हुए कहा कि वे सृष्टि के रक्षक और मोक्ष प्रदाता हैं।
महोत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार सुबह ऊं शांति भवन में शिव ध्वजारोहण किया गया जिसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा ब्रह्माकुमारी आश्रम से शुरू होकर कस्बे की मुख्य गलियों, चौराहों और बाजार से निकली। शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया और अंत में यात्रा पुनः आश्रम पहुँचकर संपन्न हुई।
इस दौरान बच्चों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम व भव्य झांकियां प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
स्थानीय केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अनिता बहन ने उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए आगुंतकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेश अरोड़ा, व्यापार मंडल संस्था अध्यक्ष विजय नोखवाल, नवचयनित आरएएस शुभम् सिसोदिया, पूर्व पालिकाध्यक्ष संतोष कुलवंत सुथार, गौशाला समिति से अभयपाल ऐचरा, सुरजीत खीचड़, जगदीश प्रसाद आचार्य, शंकर पटीर, ओमप्रकाश वर्मा, बृजलाल, सुरेंद्र स्वामी और समुद्र सिंह सिसोदिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।





