ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध
परीक्षा अवधि में डीजे-लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
हनुमानगढ़। जिले में विद्यालयों व महाविद्यालयों की परीक्षाओं को देखते हुए विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु शांत वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट डॉ. खुशाल यादव ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार 20 फरवरी, 2026 की मध्यरात्रि से 30 अप्रैल, 2026 तक जिले की राजस्व सीमा में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा लाउडस्पीकर, डीजे या अन्य कोलाहल उत्पन्न करने वाले ध्वनि उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अधिसूचना अनुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पहले से ही पूर्णतः प्रतिबंधित है। अतः 30 अप्रैल, 2026 तक संपूर्ण समयावधि के लिए प्रतिबंध लागू रहेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक स्थलों तथा विवाह समारोहों में निकासी, बारात स्वागत आदि कार्यक्रमों में सामान्य उपयोग की अनुमति रहेगी, परंतु निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि में संगीत या भजन बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा इन कार्यक्रमों में डीजे का उपयोग भी वर्जित होगा। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अधिसूचना 11 जनवरी, 2010 के अनुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पहले से ही पूर्णतः प्रतिबंधित है।
अतः इस अवधि में किसी भी प्रकार का लाउडस्पीकर या डीजे बजाना निषिद्ध रहेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अनुमति देने का अधिकार संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट को रहेगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित ध्वनि उपकरण एवं वाहन को पुलिस द्वारा जब्त किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 और राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
