निक्षय मित्र’ बनकर किया सहयोग
व्यापारियों व मंडी स्टाफ ने टीबी मरीजों के लिए जुटाए 1.31 लाख रुपए
सहयोग से 40 से अधिक रोगियों को छह माह तक मिलेगा पोषण
डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि टीबी छुआछूत की बीमारी नहीं है और सही इलाज व पोषण से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के कारण शरीर में मौजूद टीबी जीवाणु सक्रिय नहीं हो पाते, जबकि कुपोषण और कमजोरी से बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अन्य मंडी समितियों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की।
'निक्षय मित्र’ बनकर करें सहयोग कीओ
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर स्वयं एक मरीज को छह माह तक पोषण सामग्री देकर ‘निक्षय मित्र’ बन चुके हैं। उनके आह्वान पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि, भामाशाह और आमजन भी टीबी मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था किसी मरीज को गोद लेकर उसे नियमित रूप से दाल, चना, गुड़, तेल, गेहूं-चावल जैसी पोषण सामग्री दे सकते हैं।
जिले में अब तक 4254 मरीज चिन्हित
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश शेखावत ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक जिले में 4254 टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जबकि 2195 निक्षय मित्र ही बने हैं। उन्होंने नागरिकों, संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों से अधिक संख्या में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दवा के साथ पोषण ही टीबी मरीज की सबसे बड़ी ताकत है और सामूहिक प्रयास से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मंडी सचिव श्री विष्णुदत्त शर्मा, श्री रामलाल किरोड़ीवाल, व्यवसायी श्री पदम चंद्र जैन, श्री तरुण कौशल, श्री इंद्र कुमार हिसारिया सहित लेखाधिकारी श्री मांगीलाल शर्मा, सहायक लेखाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र व अन्य कर्मचारियों उपस्थित रहें।

