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तीन दिवसीय कृषि मेला शुरू

तीन दिवसीय कृषि मेला शुरू

अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ” की थीम पर आयोजित हुआ कृषि मेला

पंचगौरव कृषि मेले का भव्य आगाज, नवाचारों से रूबरू हुए किसान

400+ स्टार्टअप, वैज्ञानिक सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे आकर्षण

हनुमानगढ़। जिला मुख्यालय पर शनिवार को “पंच गौरव—अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ” थीम पर तीन दिवसीय कृषि मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन, एमएसएमई और निजी एसकेडी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 21 से 23 फरवरी तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस मेले में पहले ही दिन किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री निहालचंद मेघवाल, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. विमला मेघवाल, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार दीक्षित, जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, ट्रस्ट अध्यक्ष श्री बाबूलाल जुनेजा और चेयरपर्सन श्री वरुण यादव सहित अतिथियों ने मेले का शुभारंभ किया। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रदर्शित तकनीकों व उत्पादों की जानकारी ली।

कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि गत वर्ष शुरू किए गए नवाचारों को इस बार और व्यापक रूप दिया गया है। कृषि प्रधान जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए देशभर के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में तकनीकी मंथन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले की थीम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें समृद्ध बनाना है, साथ ही सूक्ष्म व लघु उद्योगों को भी इससे जोड़ा गया है ताकि जिले को समग्र लाभ मिल सके। आयोजकों ने बताया कि यह मेला किसानों को तकनीक, अनुभव और बाजार से जोड़ने का प्रभावी मंच साबित होगा, जिससे उनकी आय वृद्धि और आधुनिक कृषि की दिशा में ठोस प्रगति संभव होगी।

मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टार्टअप, कृषि उत्पादक कंपनियां और संस्थान शामिल हुए हैं, जिन्होंने आधुनिक खेती, जैविक तकनीक, ड्रोन प्रदर्शन, बागवानी, पशुपालन मॉडल और मूल्य संवर्धन से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए। पशुधन आधारित आय मॉडल, वैज्ञानिक तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान किसानों के लिए विशेष आकर्षण रहे। पहले दिन पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. गुलजार एस. संघेरा ने गन्ना उत्पादन तकनीकों पर व्याख्यान दिया, वहीं पशुपालन विभाग के डॉ. अनिल घोड़ेला ने पशु प्रजनन व प्रबंधन पर जानकारी दी।

मेले में राजीविका से जुड़ी महिलाओं के राजसखी स्टॉलों पर हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री ने भी ध्यान आकर्षित किया। साथ ही पशु सौंदर्य प्रतियोगिता, जैविक खेती प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को उत्सव में बदल दिया। शाम को आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका श्रीमती मन्नत नूर ने प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि बॉलीवुड कलाकार और कॉमेडियन श्री ख्याली सहारण और साहित्यकार श्री विनोद स्वामी की मौजूदगी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री कैलाश मेघवाल, श्रीमती प्रियंका बेलान, श्री प्रमोद डेलू, श्री अमित सहू, श्री बलवीर बिश्नोई, श्री देवेंद्र पारीक, श्री देवेन्द्र अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, उद्यान उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला, कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप, सरस एमडी श्री उग्रसेन सहारण सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 



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