चिकित्सा विभाग की एक सराहनीय पहल
मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा, चिकित्सा विभाग ने शुरू किया 'गर्भ की पाठशाला'
आशा व आंगनबाड़ी नेटवर्क से प्रचार, गर्भावस्था व नवजात देखभाल की जानकारी घर-घर तक
रोचक व आसान भाषा में इस पाठशाला में घर बैठे मिल रही स्वस्थ मां एवं सशक्त शिशु के लिए उपयोगी जानकारी
हनुमानगढ़। गर्भवती महिलाओं व आमजन को स्वस्थ मां एवं सशक्त शिशु के प्रति जागरूक करने के लिए चिकित्सा विभाग ने एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत 'गर्भ की पाठशाला' नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया गया है, जिसमें गर्भावस्था और शिशु देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी रोचक व आसान हिंदी भाषा में दी जा रही है। यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में 'निरामय राजस्थान' की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि एनएचएम की अतिरिक्त मिशन निदेशक एवं निदेशक आईईसी डॉ. टी. शुभमंगला (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) के मार्गदर्शन में इस चैनल की शुरुआत की गई है। इसमें मेडिकल शब्दों को सरल हिंदी भाषा में समझाया गया है ताकि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में सावधानियां, जोखिम, एनीमिया प्रबंधन और शिशु देखभाल की सही जानकारी मिल सके। विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में आशा सहयोगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी इस चैनल का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ ले सकें। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि चैनल पर फिल्मों और डायग्राम के जरिए गर्भावस्था की पहचान, एनीमिया, गर्भधारण पूर्व परामर्श, गर्भावस्था में उल्टी, पोषण, सुरक्षित गर्भपात, प्री लेबर रूप्चर ऑफ मेम्ब्रेन, सिजेरियन के बाद गर्भावस्था व सामान्य प्रसव, लेट टर्म और पोस्ट टर्म गर्भावस्था की जानकारी दी जा रही है।
प्रसव के बाद शिशु देखभाल की जानकारी
डीपीसी (आईईसी) मनीष शर्मा ने बताया कि नवजात की देखभाल, कंगारू मदर केयर, पूरक आहार, बच्चों में अंतर रखने के उपाय एवं आईयूसीडी की जानकारी भी इस चैनल पर दी जा रही है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे 'गर्भ की पाठशाला' यूट्यूब चैनल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
