राजसखी मेला-2026’ का भव्य समापन
राजसखी मेले का जिला कलेक्टर ने किया निरीक्षण, महिला उद्यमियों को सराहा
सांस्कृतिक संध्या में लोक गीतों व भांगड़ा-गिद्धा ने बांधा समां
हनुमानगढ़। ‘राजसखी मेला-2026’ का रविवार को भव्य समापन हुआ। गौरतलब है कि राजसखी मेला-2026 हनुमानगढ़ टाऊन के भटनेर फोर्ट स्कूल ग्राउंड में 23 मार्च से शुरू हुआ था। मेले का जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर महिलाओं से संवाद किया और उत्पादों की गुणवत्ता, लागत व मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी ली।
जिला कलेक्टर ने महिलाओं को नवाचार अपनाने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे मेले महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं।
जिला कलेक्टर ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि समाज में नई पहचान भी बना रही हैं। इस प्रकार के आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या मुख्य आकर्षण रही, जिसमें बीकानेर से आए कलाकारों ने ‘केसरिया बालम’ सहित राजस्थानी लोक गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं गिद्धा और भांगड़ा की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने मेले में पहुंचकर हस्तशिल्प उत्पादों व व्यंजनों का आनंद लिया।
राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्री वैभव अरोड़ा ने बताया कि जिले के साथ ही राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे राजीविका के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न उत्पादों की स्टॉल लगाई गई थी, जिससे महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
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