किसान की फरियाद
मौसम विभाग का अलर्ट, किसानो की सांसे फूली
कविता शीर्षक
"किसान की फरियाद"
बड़े नाजों से सींचा है,
हर एक दाना खेत में।।
बिन मौसम की बारिश से
प्रभु,मिला ना देना रेत में।।
तेज हवा,कड़कती बिजली
एक कहर सा ढाती है।।
एक सांस लंबी सी
तो दूसरी रुक जाती है।।
तू सबका रक्षक है दाता
फिर मुझसे कैसा बैर है।।
शासक तो नहीं सुनते मेरी
क्या तेरे लिए हम गैर है?।।
बचा लेना लाज मेरी
तेरे हाथों में मेरी डोर है।।
फिर मेरा मन उदास है
ये छाई घटा घनघोर है।।
संकट का साया सिर पे
फिर तुझे याद करते है।।
प्रभु सुनना तू पुकार हमारी
ये किसान फरियाद करते हैं ।।लल्ला
ये बिन मौसम की बारिश और डरावने माहौल में मैं ईश्वर से दुआ करता हूँ कि हे प्रभु अन्नदाता पर ठंडी नजर बनाए रखना और हर स्थिति में किसान की रक्षा करना।।
जय जवान, जय किसान
लेखक: वेद प्रकाश, कनिष्ठ सहायक
ग्राम पंचायत डबलीखुर्द
ब्लॉक टिब्बी (हनुमानगढ़)
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