वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम, किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए किया प्रेरित
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में किसानों को जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती का संदेश
कृषि महाविद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में जल बचत, जैविक खेती और सूक्ष्म सिंचाई पर हुआ मंथन
हनुमानगढ़। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत सोमवार को हनुमानगढ़ टाउन के फतेहगढ़ मोड़ स्थित राजकीय कृषि महाविद्यालय परिसर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उद्यान विभाग द्वारा सौर ऊर्जा एवं सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो वेंडर्स तथा जल एवं ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले दो प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जिला परिषद सीईओ श्री ओ.पी. बिश्नोई ने किसानों से कम जल मांग वाली फसलों और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने, “आपणो खेत-आपणी खाद” की अवधारणा अपनाने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों को “समृद्ध किसान, खुशहाल राजस्थान” पुस्तिका वितरित की गई तथा कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने आभार व्यक्त किया।
जल संरक्षण और वर्षा जल संग्रहण पर दिया जोर
कार्यक्रम में सहायक निदेशक कृषि श्री बलकरण सिंह ने अभियान की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए किसानों से मानसून पूर्व प्राकृतिक जल स्रोतों, सिंचाई डिग्गियों, फार्म पॉन्ड और सिंचाई खालों की सफाई एवं मरम्मत करवाने का आह्वान किया। उन्होंने घरों की छतों से बहने वाले वर्षा जल को जलकुंडों में संग्रहित करने तथा जल की बर्बादी रोकने के उपाय बताए। कृषि अनुसंधान अधिकारी डॉ. राधेश्याम एवं कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने जल संरक्षण तकनीकों, फसलों की जल मांग और सिंचाई प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी।
जैविक खेती और लागत घटाने के उपाय बताए
सेवानिवृत्त उप निदेशक कृषि श्री जयनारायण बैनीवाल ने किसानों को खेती की लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए। संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. आनंद स्वरूप ने बताया कि सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए सरकार बड़े पशुओं पर 50 रुपये तथा छोटे पशुओं पर 25 रुपये का अनुदान दे रही है। उन्होंने आमजन से निराश्रित पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने में सहयोग की अपील की ताकि दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ पशुओं की समुचित देखभाल सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ श्री ओ.पी. बिश्नोई, कृषि (आत्मा) उप निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र डूडी, उद्यान उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला, कृषि सहायक निदेशक श्री साहबराम गोदारा, श्री राजेंद्र बेनीवाल, जनप्रतिनिधि श्री भारत भूषण शर्मा, श्री झमनलाल शर्मा, श्री सुशील जोशी, सेवानिवृत्त उप निदेशक कृषि श्री जयनारायण बैनीवाल सहित कृषि, उद्यान एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

