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अनुचित लाभ उठाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई

अनुचित लाभ उठाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई

नकली दस्तावेजों से एमएसपी पर गेहूं बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

5500 पंजीकरणों की जांच में डुप्लीकेट गिरदावरी के मामले सामने आए, 

803 पंजीकरणों में दो से अधिक बार हुआ गेहूं विक्रय 

हनुमानगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद योजना में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अनुचित लाभ उठाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री रामरतन सौंकरिया ने बताया कि राज्य सरकार एवं भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले को इस वर्ष रिकॉर्ड 8.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला, जिससे हजारों किसानों को लाभ पहुंचा। हालांकि प्रारंभिक जांच में कुछ व्यक्तियों द्वारा नकली दस्तावेजों और डुप्लीकेट गिरदावरी के माध्यम से योजना का दुरुपयोग किए जाने के संकेत मिले हैं।

एक ही भूमि पर बार-बार विक्रय की आशंका

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि कुछ मामलों में एक ही भूमि के आधार पर तैयार किए गए फर्जी ठेकानामों, अनुबंध सहमति पत्रों तथा ओटीपी के दुरुपयोग के माध्यम से एक से अधिक बार गेहूं बेचे जाने की आशंका है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि एक ही व्यक्ति ने विभिन्न एजेंसियों एवं मंडियों में कितनी बार गेहूं विक्रय कर अनुचित लाभ प्राप्त किया। 5500 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच उच्च स्तरीय टीम द्वारा की जा रही है, जिनमें से 803 पंजीकरण ऐसे पाए गए हैं जिनमें दो से अधिक बार गेहूं बेचा गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया बड़ा मामला

एक प्रकरण में जांच के दौरान पाया गया कि एक पंजीकृत भूमिधारक के नाम उपलब्ध 10.399 हेक्टेयर भूमि के आधार पर अधिकतम 604 क्विंटल गेहूं का विक्रय संभव था। संबंधित भूमिधारक द्वारा निर्धारित मात्रा का विक्रय किया गया, लेकिन उसी भूमि एवं दस्तावेजों का उपयोग कर अन्य व्यक्तियों द्वारा भी बार-बार पंजीकरण कराए गए। परिणामस्वरूप कुल 2,104 क्विंटल गेहूं का विक्रय दर्ज हुआ, जो वास्तविक क्षमता से 1,500 क्विंटल अधिक है।

आढ़तियों एवं फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) जयपुर से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुछ प्रकरणों में विशेष फर्मों एवं आढ़तियों का संबंध सामने आने की संभावना है। ऐसे मामलों में भूमिधारकों के साथ-साथ संबंधित फर्मों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी, मंडी सचिव, गिरदावर, पटवारी एवं सूचना सहायक की संयुक्त टीम जांच कर रही है।

दोषियों को नोटिस, सभी एजेंसियों को जारी किए निर्देश

रसद विभाग द्वारा संदिग्ध मामलों में शामिल व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह व्यक्तिगत स्तर पर किया गया कृत्य है अथवा संगठित रूप से संचालित गतिविधि। जिला प्रशासन ने सभी खरीद एजेंसियों को भी पत्र जारी कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री रामरतन सौंकरिया ने कहा कि वास्तविक किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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