गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों को मिल रहा निरंतर चिकित्सकीय सहयोग
घर पर उपचार, बेहतर देखभाल : पैलिएटिव केयर से लाभान्वित हो रहे मरीज
934 मरीजों को घर-घर पहुंचकर दी जा रही स्वास्थ्य एवं देखभाल सेवाएं
कैंसर, लकवा और अन्य गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों को मिल रहा निरंतर चिकित्सकीय सहयोग
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम (एनपीपीसी) के अंतर्गत जिले में गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीडि़त मरीजों को घर आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कार्यक्रम के तहत वर्तमान में जिले के विभिन्न खण्डों में कुल 934 मरीजों का उपचार किया जा चुका है अथवा उनका उपचार निरंतर जारी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे मरीजों को राहत प्रदान करना है जो कैंसर, लकवा, सेरेब्रल पाल्सी, हाइड्रोसेफेलस, रीढ़ की चोट, बेड सोर एवं अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित चिकित्सा दल मरीजों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य जांच, परामर्श, दवा वितरण तथा आवश्यक देखभाल संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जिले में सर्वाधिक 322 मरीज हनुमानगढ़ खण्ड में पंजीकृत हैं, जबकि पीलीबंगा में 184, रावतसर में 126, टिब्बी में 115, संगरिया में 72, भादरा में 69 तथा नोहर में 46 मरीज कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं। पैलिएटिव केयर सेवाओं का मुख्य उद्देश्य मरीजों के दर्द एवं कष्ट को कम करना, जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा परिवारजनों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया िक कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की टीम कार्यरत है। हनुमानगढ़ में डॉ. प्रेम कुमार (एमडी ऑन्कोलॉजिस्ट) के नेतृत्व में सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा रावतसर में अजय कुमार, संगरिया में अजय बिश्नोई, पीलीबंगा में महेंद्र, टिब्बी में हेतराम रेगर (सीएचओ), नोहर में मनुदीप तथा भादरा में राकेश कुमार नर्सिंग अधिकारियों के रूप में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कार्यक्रम में संजय खान (मल्टी टास्क वर्कर) भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल से जिले के सैकड़ों गंभीर रोगियों को घर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।न
हनुमानगढ़ टाउन के रूपनगर वार्ड संख्या 38 निवासी 39 वर्षीय कृष्ण कुमार (परिवर्तित नाम), जो पूरे शरीर पर गंभीर चोटों (ब्रूज़ेस) से पीडि़त हैं, को पेलिएटिव केयर टीम द्वारा नियमित चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। चिकित्सा टीम द्वारा मरीज की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता एवं परामर्श सेवाएं नि:शुल्क प्रदान की जा रही हैं। उपचार के माध्यम से मरीज की पीड़ा को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने राज्य सरकार एवं चिकित्सा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पेलिएटिव केयर सेवाओं से मरीज को घर पर ही बेहतर उपचार एवं देखभाल मिल रही है।
भादरा क्षेत्र के जिलोधा निवासी 40 वर्षीय सुशीला, जो लकवा (पैरालिसिस) जनित कमजोरी से पीडि़त हैं, को स्वास्थ्य विभाग की पेलिएटिव केयर टीम द्वारा नि:शुल्क उपचार एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चिकित्सकों द्वारा मरीज की स्थिति का नियमित मूल्यांकन कर आवश्यक दवाइयां, देखभाल संबंधी मार्गदर्शन तथा पुनर्वास संबंधी सलाह दी जा रही है। इस उपचार से मरीज के स्वास्थ्य में सुधार तथा दैनिक गतिविधियों में सहायता मिलने की संभावना बढ़ी है। परिजनों ने विभागीय सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से मरीज को समय पर उपचार और आवश्यक देखभाल मिल रही है।
पीलीबंगा के वार्ड संख्या 6 निवासी 37 वर्षीय मीरा कंवर जन्मजात सेरेब्रल पाल्सी से पीडि़त हैं। पेलिएटिव केयर टीम द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयां एवं देखभाल संबंधी परामर्श नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। टीम मरीज एवं परिजनों को रोग प्रबंधन और दैनिक देखभाल के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। परिजनों ने बताया कि इस सेवा से मरीज को निरंतर चिकित्सकीय सहयोग मिल रहा है, जिससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

