राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम : 11 वर्षीय पूनम की हुई सफल हृदय सर्जरी, मिला नया जीवन
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जिले के खण्ड टिब्बी के गांव कुलचंद्र निवासी 11 वर्षीय बालिका पूनम पुत्री प्रभुदयाल की जन्मजात हृदय रोग की सफल सर्जरी 6 जून 2026 को सत्य साईं संस्थान, अहमदाबाद में नि:शुल्क सम्पन्न करवाई गई। सफल ऑपरेशन के बाद बालिका का स्वास्थ्य बेहतर है तथा वह सामान्य जीवन की ओर अग्रसर है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसी क्रम में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम की स्वास्थ्य जांच के दौरान उसे जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित पाया गया। स्क्रीनिंग के पश्चात बालिका को आवश्यक पुष्टि एवं विशेषज्ञ जांच के लिए उच्चतर संस्थान रेफर किया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि पूनम के परिवार की आजीविका का मुख्य स्रोत खेती-बाड़ी है तथा उसकी माता गृहिणी हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बालिका को समस्त आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गईं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल स्थित डीईआईसी के माध्यम से बालिका की आवश्यक चिकित्सकीय जांचें एवं नि:शुल्क ईको करवाई गई। परिजनों को रोग, उपचार प्रक्रिया एवं सर्जरी से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन दिया गया। इसके उपरांत सत्य साईं संस्थान, अहमदाबाद में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक हृदय सर्जरी सम्पन्न की गई।
डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि यदि बच्चों की समय पर स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की जाए तो जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का भी सफल उपचार संभव है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारियों, विकारों एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं तथा विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित स्वास्थ्य जांच गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि बच्चों को समय रहते बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
टीम के समर्पित प्रयासों से मिली सफलता
इस पूरी प्रक्रिया में बीसीएमओ डॉ. रितिका पारीक के सतत पर्यवेक्षण के साथ मोबाइल हेल्थ टीम के आयुष चिकित्सक डॉ. जगदीश चन्द्र शर्मा एवं एएनएम सुश्री मोनिका का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी सतर्कता, समय पर रोग की पहचान एवं निरंतर फॉलोअप के कारण बालिका को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका।
