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समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में बोगस विक्रय का मामला

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में बोगस विक्रय का मामला

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में बोगस विक्रय की जांच तेज, 94 व्यक्तियों एवं 43 आढ़तियों को नोटिस

कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से 22,959 क्विंटल अतिरिक्त गेहूं बेचने का मामला

भूमिधारकों को भी 7 कार्यदिवस में स्वयं उपस्थित होकर देना होगा जवाब, अन्यथा होगी कार्यवाही

हनुमानगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के दौरान एमएसपी प्रोक्योरमेंट राजस्थान पोर्टल पर कथित रूप से बोगस दस्तावेज अपलोड कर अनुचित लाभ प्राप्त करने वाले भूमिधारकों, बटाईदारों एवं संबंधित आढ़तियों की जांच जिला प्रशासन एवं कृषि विपणन विभाग द्वारा गहनता से की जा रही है। क्षेत्रीय उपनिदेशक कृषि विपणन श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि हनुमानगढ़ टाउन, हनुमानगढ़ जंक्शन, संगरिया, टिब्बी, पीलीबंगा, रावतसर, गोलूवाला, जाखड़ावाली एवं तलवाड़ा गौण मंडी सहित विभिन्न खरीद केन्द्रों पर हुए गेहूं विक्रय की विस्तृत जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में 73 बटाईदारों एवं 21 भूमिधारकों द्वारा बोगस ठेकानामा, स्वघोषणा पत्र तथा अन्य कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से समर्थन मूल्य योजना का अनुचित लाभ उठाने के मामले सामने आए हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि इन प्रकरणों में विभिन्न मंडियों के 43 आढ़तियों के माध्यम से गेहूं का विक्रय किया गया। 

13,803 क्विंटल की जगह बेचा गया 36,762 क्विंटल गेहूं

प्रारंभिक जांच के अनुसार संबंधित भूमिधारकों एवं बटाईदारों की भूमि एवं गिरदावरी रिकॉर्ड के आधार पर कुल 13,803 क्विंटल गेहूं का विक्रय होना चाहिए था, जबकि पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 36,762 क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया गया। इस प्रकार अब तक 22,959 क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त एवं संदिग्ध विक्रय सामने आया है। यह अंतर बोगस दस्तावेजों एवं कथित फर्जी ठेकानामों के उपयोग की ओर संकेत करता है।

43 आढ़तियों को नोटिस, कार्रवाई शुरू

उपनिदेशक कृषि विपणन ने बताया कि जिन आढ़तियों के माध्यम से यह विक्रय किया गया, उन्हें संबंधित मंडी समितियों द्वारा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही संबंधित भूमिधारकों को जिला रसद अधिकारी ने नोटिस जारी कर 7 कार्य दिवस में व्यक्तिशः उपस्थित होकर दस्तावेजों के साथ जवाब मांगा है। डीएसओ श्री बाबुलाल जानू ने कहा है कि निर्धारित मात्रा से अधिक बेचान या अवैध बेचान से वास्तविक काश्तकार गेहूं बेचने से वंचित रहे है, साथ ही इन कृषकों द्वारा अनुचित तरीके से भुगतान प्राप्त कर राजकोष को हानि पहुंचाई गई है। 

निर्धारित समयावधि में प्रत्युत्तर पेश नहीं होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318, 336, 61 व अन्य सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आपराधिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी एवं अवैध भुगतान की राशि को राजकोष में जमा करवाने हेतु राजस्थान लोक मांग वसूली अधिनियम, 1952 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत सक्षम स्तर पर कार्यवाही प्रस्तावित कर दी जायेगी।

दोषियों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई

श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि समर्थन मूल्य खरीद योजना किसानों के हितों की रक्षा एवं उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए संचालित की जाती है। यदि किसी व्यक्ति, भूमिधारक, बटाईदार अथवा आढ़तिया द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से योजना का दुरुपयोग किया गया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच कार्य निरंतर जारी है तथा आने वाले दिनों में और भी प्रकरण सामने आने की संभावना है।

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