'पंच गौरव भटनेर उत्सव-2026
गौपूजन, संत समागम और संत सम्मान के साथ मनाया गया जिला स्थापना दिवस
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान, बीमार गौवंश के लिए लगा विशेष चिकित्सा शिविर
हनुमानगढ़। जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'पंच गौरव भटनेर उत्सव-2026' के अंतर्गत शनिवार को श्री गोशाला सेवा समिति, अबोहर रोड, हनुमानगढ़ जंक्शन में 'कामधेनु' गौपूजन, संत समागम एवं संत सम्मान समारोह श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गौसंरक्षण, गोसेवा और गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में संत श्री दयानन्द सरस्वती, श्री सुभाष गिरी महाराज, संत श्री परमात्मानंद जी एवं संत श्री कृष्णानंद जी का जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री उम्मेदीलाल मीणा, श्री गोशाला सेवा समिति के अध्यक्ष श्री इंदर हिसारिया, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप तथा कृषि विपणन विभाग के उपनिदेशक श्री विष्णुदत्त शर्मा ने माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि गौसंरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने समाज से जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्यतिथि एवं अन्य पारिवारिक अवसरों पर गोशालाओं में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे गोशालाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और निराश्रित गौवंश की बेहतर देखभाल संभव होगी।
संतजनों ने अपने प्रवचनों में गौमाता के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए गौसेवा को मानव सेवा के समान पुण्यदायी कार्य बताया तथा समाज से गोशालाओं के सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा बीमार एवं निराश्रित गौवंश के लिए विशेष पशु चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर कृमिनाशक दवाएं उपलब्ध कराईं तथा बांझपन सहित विभिन्न रोगों का उपचार किया। पशुपालकों एवं गोशाला प्रबंधन को पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं वैज्ञानिक देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप ने गोशालाओं को मिलने वाले अनुदान एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रशासन, समाज और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम में डॉ. राकेश गांधी, डॉ. भूपेश सुथार सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समारोह का समापन गौसंरक्षण, गौसेवा और गोशालाओं को अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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