उद्यम प्रोत्साहन योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना
इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय को मिलेगा नया संबल
जयपुर। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से पात्र युवाओं को नया उद्योग स्थापित करने तथा वर्तमान उद्यम के विस्तार के लिए रियायती दरों पर ऋण एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
यदि कोई पात्र युवा इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकान या इससे संबंधित व्यापार शुरू करना चाहता है, तो वह इस योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित कर सकता है। योजना का उद्देश्य राज्य के आर्थिक विकास में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए अधिकतम 10 करोड़ रुपये, सेवा क्षेत्र के लिए 5 करोड़ रुपये तथा व्यापार क्षेत्र के लिए 1 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही ऋण पर ब्याज अनुदान भी दिया जाता है। 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत, 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त पात्र उद्यमियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी प्रदान किया जाता है, जिससे व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक बोझ कम होता है।
योजना के लिए आवेदन एसएसओ आईडी के माध्यम से स्वयं अथवा निकटतम ई-मित्र केंद्र पर जाकर किया जा सकता है। पात्र अभ्यर्थियों से अपील है कि वे इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपना व्यवसाय स्थापित करें तथा आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
