राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में महरीन को मिली उम्मीद की किरण
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम : समय पर हुई स्वास्थ्य जांच ने बदली सात वर्षीय महरीन की जिंदगी
स्कूल स्क्रीनिंग में समय पर हुई जन्मजात हृदय रोग की पहचान, अहमदाबाद में नि:शुल्क सफल सर्जरी
हनुमानगढ़। कभी सामान्य दिनचर्या में शामिल स्कूल की स्वास्थ्य जांच एक नन्ही जिंदगी के लिए उम्मीद की किरण बन गई। टिब्बी क्षेत्र के गांव 2-जीजीआर की 7 वर्षीय महरीन पुत्री सबील खान में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान हुई और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से उसे विशेषज्ञ उपचार तक पहुंचाया गया। आर्थिक रूप से सीमित परिवार की इस बच्ची की 4 जुलाई 2026 को सत्य साईं संस्थान, अहमदाबाद में नि:शुल्क सफल हृदय सर्जरी हुई। ऑपरेशन के बाद महरीन का स्वास्थ्य बेहतर है और वह अब सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।
स्कूल में हुई जांच ने खोला उपचार का रास्ता
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की जाती है। इसी क्रम में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, 2-जीजीआर में स्वास्थ्य जांच के दौरान छात्रा महरीन में जन्मजात हृदय रोग की आशंका सामने आई। इसके बाद उसे आवश्यक पुष्टि एवं विशेषज्ञ जांच के लिए उच्चतर चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। जिला अस्पताल स्थित डीईआईसी सुनील कुमार में माध्यम से महरीन की आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं नि:शुल्क ईको जांच करवाई गई। रोग की पुष्टि के बाद परिजनों को बीमारी, उपचार प्रक्रिया एवं संभावित सर्जरी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके बाद बच्ची को सत्य साईं संस्थान, अहमदाबाद भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 4 जुलाई को उसकी हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की।
सीमित संसाधनों वाले परिवार को मिला नि:शुल्क उपचार
डॉ. शर्मा ने बताया कि महरीन के परिवार की आजीविका का मुख्य साधन खेती-बाड़ी है, जबकि उसकी माता गृहिणी हैं। परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद आरबीएसके के माध्यम से बच्ची को जांच से लेकर विशेषज्ञ उपचार और सर्जरी तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गईं। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार से जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का भी सफल उपचार संभव है। आरबीएसके बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारियों, कमियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
समय पर स्क्रीनिंग बनी महरीन के लिए वरदान
डॉ. नवनीत शर्मा ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित स्वास्थ्य जांच गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि कई बार गंभीर बीमारी के लक्षण प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट दिखाई नहीं देते, ऐसे में नियमित स्क्रीनिंग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
टीम के समर्पित प्रयासों से मिली सफलता
डॉ. शर्मा ने बताया कि महरीन के उपचार की पूरी प्रक्रिया में टिब्बी बीसीएमओ डॉ. रितिका पारीक के सतत पर्यवेक्षण के साथ मोबाइल हेल्थ टीम के आयुष चिकित्सक डॉ. जगदीश चन्द्र शर्मा, एएनएम सुश्री मोनिका एवं फार्मासिस्ट नित्यानन्द का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम की सतर्कता से बीमारी की समय पर पहचान हुई और निरंतर फॉलोअप एवं समन्वय के माध्यम से बच्ची को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करवाया जा सका। महरीन की सफल सर्जरी यह संदेश देती है कि समय पर की गई एक छोटी-सी स्वास्थ्य जांच किसी बच्चे के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है।

