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सिंचाई पानी की मांग को लेकर मंगलवार को मसीतांवाली हैड पर जुटेंगे किसान

सिंचाई पानी की मांग को लेकर मंगलवार को मसीतांवाली हैड पर जुटेंगे किसान

आईजीएनपी की रावतसर-नौरंगदेसर वितरिकाओं में सिंचाई पानी के लिए चार में से दो समूह चलाने की मांग,  

25 अगस्त को मसीतांवाली हैड पर जुटेंगे किसान, करेंगे प्रदर्शन

हनुमानगढ़। राजस्थान कैनाल में इन दिनों करीब 13 हजार क्यूसेक पानी चलने के बावजूद आईजीएनपी की रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं के किसानों को पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से खेतों में खड़ी फसलें खराब होने से किसानों ने जल संसाधन विभाग द्वारा नहरी पानी के असमान वितरण को लेकर क्षेत्र के किसानों ने रोष जताया। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी एवं किसान नेता मनीष बुरड़क ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण किसानों की फसलें बर्बादी की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में यह पहली बार है कि आईजीएनपी में करीब 13 हजार क्यूसेक पानी उपलब्ध होने के बावजूद आईजीएनपी रेगुलेशन के प्रथम चरण के किसानों को पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है।

किसान नेताओं ने कहा कि रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं के किसानों के हिस्से का बैलेंस पानी उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें उनके हक के पानी से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रथम चरण के किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार फसलें पानी के अभाव में बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।

उन्होंने कहा कि बैलेंस पानी पर क्षेत्र के किसानों का अधिकार है और उनके हिस्से के पानी की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फसलों को बचाने और अपने हिस्से का पानी लेने के लिए किसानों द्वारा निर्णायक संघर्ष के निर्णय अनुसार 25 अगस्त मंगलवार को सुबह 10 बजे मसीतांवाली हैड पर क्षेत्र के किसान चार में से दो समूह मे चलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और अपने हक के पानी की आवाज बुलंद करेंगे।

किसान नेताओं ने कहा कि आईजीएनपी में 13 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है, तो रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं के किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त पानी क्यों नहीं दिया जा रहा है।किसान नेताओं ने मांग की कि रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं में किसानों के हिस्से का बैलेंस पानी तत्काल छोड़ा जाए तथा आईजीएनपी प्रथम चरण के किसानों को चार में से दो समूहों के अनुसार पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध करवाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी के वितरण में किसानों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों के हिस्से का पानी उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके। उन्होंने क्षेत्र के किसानों एवं नौजवानों से अपील की कि मंगलवार सुबह मसीतांवाली हैड पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और नहरी पानी के न्यायपूर्ण वितरण की मांग को लेकर संघर्ष में अपनी भागीदारी दे। 

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