वित्तीय साक्षरता का मेला, किया जागरूक
गोगामेड़ी मेले में लगा ‘वित्तीय साक्षरता का मेला’
दो दिवसीय शिविर में ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, साइबर ठगी से बचाव और सरकारी बैंकिंग योजनाओं की दी जानकारी
हनुमानगढ़। गोगामेड़ी के ऐतिहासिक मेले में 23 एवं 24 सितंबर को श्रद्धालुओं, किसानों और ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दो दिवसीय वित्तीय साक्षरता एवं साइबर फ्रॉड जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नाबार्ड एवं भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन की जानकारी दी।
आरबीआई के प्रबंधक श्री रवि गहलावत ने कहा कि डिजिटल लेनदेन सुविधाजनक है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जोखिम का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था फोन, संदेश या ई-मेल के माध्यम से ग्राहक से पासवर्ड, पिन या ओटीपी नहीं मांगती। ऐसी जानकारी मांगने वाले व्यक्ति से सावधान रहने की आवश्यकता है।
नाबार्ड के डीडीएम श्री जुबेर परिहार ने किसानों को बैंकिंग एवं नाबार्ड की योजनाओं की जानकारी देते हुए साहूकारी कर्ज से बचने तथा किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी सुविधाओं का उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। एसबीआई गोगामेड़ी के शाखा प्रबंधक श्री नितिन बिजारणियां एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयक श्री वीरेंद्र कुमार ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं, खाते की सुरक्षा एवं बैंक की सुरक्षा सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
राजीविका एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बीपीएम श्री राधेश्याम पारीक ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और डिजिटल लेनदेन के माध्यम से छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने की जानकारी दी। वित्तीय साक्षरता केंद्र से श्री बृजलाल एवं श्री संदीप ने यूपीआई और एईपीएस जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल का लाइव डेमो दिया।
आरसेटी हनुमानगढ़ के प्रतिनिधि श्री मुकेश कुमार एवं श्री ऋतिक अरोड़ा ने ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार के लिए बैंकों से मिलने वाली ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। शिविर में राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों एवं स्थानीय किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। अधिकारियों ने स्थानीय भाषा में सरल उदाहरणों के माध्यम से बैंकिंग संबंधी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव की शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए।
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