राठीखेड़ा एथेनॉल फैक्ट्री विवाद
राठीखेड़ा एथेनॉल फैक्ट्री विवाद पर जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय तकनीकी समिति के सदस्यों ने किया निरीक्षण
भू-जल नमूने किए एकत्र, संघर्ष समिति के सदस्यों से की बैठक
पर्यावरणीय प्रदूषण की आशंकाओं के संबंध में परीक्षण कर राज्य सरकार को सौंपेगी तथ्यात्मक रिपोर्ट
हनुमानगढ़। जिले के टिब्बी तहसील के गांव राठीखेड़ा के चक 5 आरके में एशिया के सबसे बड़े अनाज आधारित प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के संबंध में प्राप्त आपत्तियों व लोगो की पर्यावरणीय प्रदूषण की आशंकाओं को दृष्टिगत रखते हुए फैक्ट्री से होने वाले संभावित भू-जल प्रदूषण एवं पर्यावरणीय प्रभावों की जांच हेतु 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया गया था। समिति के सदस्य एवं राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता श्री अरविन्द अग्रवाल, भू-जल विभाग के मुख्य अभियंता श्री सूरजभान, केन्द्रीय भू-जल प्राधिकरण के वैज्ञानिक श्री शैलेंद्र सिंह तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदी लाल मीना ने रविवार को क्षेत्र का दौरा किया।
समिति के सदस्यों द्वारा फैक्ट्री स्थल का मौका निरीक्षण किया गया तथा फैक्ट्री परिसर में स्थित बोरवेलों से भू-जल नमूने एकत्रित किए गए। इसके साथ ही भू-जल स्तर का मापन भी किया गया। फैक्ट्री के आसपास स्थापित ट्यूबवेलों से भी भू-जल नमूने एकत्र कर भू-जल स्तर का परीक्षण किया गया।
इसके उपरांत उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय, टिब्बी में संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर उनकी आशंकाओं एवं आपत्तियों को विस्तार से सुना। समिति के सदस्यों ने बताया कि संघर्ष समिति की मांगों के संबंध में आवश्यक तकनीकी एवं वैज्ञानिक परीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 12 दिसम्बर को संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक में उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर सहमति बनी थी, जिसके पश्चात 16 दिसम्बर को समिति का गठन किया गया।
इस अवसर पर टिब्बी एसडीएम सत्यनारायण सुथार, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता रामा किशन, भू-जल वैज्ञानिक बरकत अली, तहसीलदार हरीश टाक, सुखजीत सिंह चटठा, महंगा सिंह सिद्धू, इन्द्रजीत सिंह पन्नीवाली, नितिन ढाका, सुधीर सारण, श्री बलजिंद्र बराड़ सहित संघर्ष समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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