ग्राम उत्थान शिविर
ग्राम उत्थान शिविर संगरिया के ढाबा में राजस्व सेवाओं का प्रभावी समाधान
किसानों को गिरदावरी प्रशिक्षण, नामांतरण व विभाजन प्रकरणों में मिली त्वरित राहत
हनुमानगढ़। सांगरिया के भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त ढाबा में रविवार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर–2026 राजस्व सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी और जनोपयोगी समाधान का प्रभावी मंच बना। शिविर का आयोजन भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त स्तर पर किया गया, जिसमें राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों ने सहभागिता निभाई। शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी संगरिया श्री जय कौशिक ने उपस्थित ग्रामीणों व कार्मिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं देकर शिविर का शुभारंभ किया। राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी शुद्धि, शुद्धि-पत्र जारी करने तथा नामांतरण जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाहियों का मौके पर निस्तारण किया गया।
शिविर का निरीक्षण करने सरस डेयरी एमडी श्री उग्रसेन सहारण भी पहुंचे। इस अवसर पर तहसीलदार श्रीमती मोनिका बंसल, विकास अधिकारी श्री राधाकृष्ण कड़वासरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
उपखंड अधिकारी श्री कौशिक के निर्देश पर शिविर में उपस्थित काश्तकारों के फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन कराए गए। साथ ही किसानों को शिविर स्थल के समीप जाकर किसान गिरदावरी एप के माध्यम से स्वयं गिरदावरी करने का प्रशिक्षण दिया गया। भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारियों द्वारा किसानों को ऐप की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान तहसीलदार संगरिया को उपखंड कार्यालय से प्राप्त विभाजन प्रस्तावों पर नक्शा सहित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस पर तहसीलदार द्वारा संबंधित भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी के साथ मौके पर जाकर नक्शा तैयार कर विभाजन प्रस्ताव की कार्यवाही की गई।
तहसीलदार श्रीमती मोनिका बंसल ने किसानों को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना स्व-गिरदावरी की जानकारी देते हुए बताया कि किसान स्वयं अपने खेत की गिरदावरी कर अपने पत्थर नंबर व मुरब्बा नंबर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से जमाबंदी निकालने और नामांतरण आवेदन की प्रक्रिया भी समझाई।
उपखंड अधिकारी श्री जय कौशिक ने किसानों को स्वयं गिरदावरी करने पर प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि खरीफ संवत 2082 की गिरदावरी सर्वेयरों द्वारा की गई है, जिसका भुगतान शीघ्र उनके खातों में किया जाएगा।
मौके पर उपस्थित किसानों व सर्वेयरों ने कहा कि गत वर्ष जिला कलेक्टर द्वारा आयोजित कार्यशाला से उन्हें गिरदावरी की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला। गिरदावरी करने से उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान मिला बल्कि प्रति बीघा 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि से रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ। किसानों ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का आभार जताया।
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