फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता का प्रशिक्षण,1117 लाभार्थियों ने लिया प्रशिक्षण
आंगनबाड़ी, अन्नपूर्णा रसोई, मिड डे मील, आवासीय विद्यालय, राजीविका समूह में कार्यरत कार्मिक सहित स्ट्रीट वेंडर एवं समस्त व्यापारियों ने लिया भाग
हनुमानगढ़। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में खाद्य व्यापारियों और फूड हैंडलर्स को फॉस्टेक (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 17 मार्च मंगलवार को हनुमानगढ़ टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशला में प्रात: 9 से 1 बजे एवं दोपहर 2 से 6 बजे तक में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी रफीक मोहम्मद, श्रीमती रेणु, धर्मवीर बैरवा, मलकीत सिंह, पवन कुमार, सुभाष कुमार, निहालसिंह, रणवीर गिरी, अशोक दामरी, गुरुशरण कंग एवं मोहन वर्मा उपस्थित रहे।
अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राज्य की खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली से अधिकृत एजेंसी द्वारा भेजे गए। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर प्रदीप यादव एवं सोनू कुमार ने संभागियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य व्यापारियों को रीयूज्ड कुकिंग ऑयल (आरयूसीओ) के उपयोग और उससे होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री तैयार करने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी खाद्य व्यापारियों एवं भोजन तैयार करने वाले कर्मियों से अपील की कि वे स्वच्छता के मानकों का पालन करते हुए स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
1117 लाभार्थियों ने लिया प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी रफीक मोहम्मद ने बताया कि इस प्रशिक्षण में जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स, मिड डे मील के कुक, विभिन्न आवासीय विद्यालयों के भोजन बनाने वाले कर्मचारी, राजीविका समूह के सदस्य सहित सभी प्रकार के खाद्य व्यापारियों ने भाग लिया। इसके अलावा मिठाई व नमकीन विक्रेता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, डेयरी संचालक, थोक व खुदरा किराना व्यापारी, तेल व्यापारी, फल-सब्जी विक्रेता, चाय की थड़ी लगाने वाले, कचौरी-पकौड़ी बनाने वाले और सभी स्ट्रीट वेंडर्स ने भी इस प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रात: 9 से 1 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में 585 लाभार्थी एवं दोपहर 2 से 6 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण 532 लाभार्थियों ने प्रशिक्षण लिया।
लाभार्थियों ने की प्रशिक्षण की सराहना
फॉस्टेक प्रशिक्षण में शामिल लाभार्थियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता मानकों और सुरक्षित भोजन तैयार करने के तरीकों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स और विभिन्न खाद्य व्यापारियों ने बताया कि रीयूज्ड कुकिंग ऑयल (आरयूसीओ) के दुष्प्रभावों और उसके सही उपयोग के बारे में मिली जानकारी उनके दैनिक कार्य में काफी मददगार साबित होगी। होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, मिठाई व नमकीन विक्रेताओं और स्ट्रीट वेंडर्स ने भी प्रशिक्षण को व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे वे ग्राहकों को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध करा सकेंगे।



