दिव्यांगों को मिली त्वरित सहायता
दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति ने 21 दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र करवाया जारी,
कल्याणकारी योजनाओं खुले द्वार, मिली राहत
हनुमानगढ़। पीलीबंगा उपखंड अधिकारी उमा मितल एवं जिला चिकित्सालय प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शंकरलाल सोनी के मार्गदर्शन में दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति द्वारा दिव्यांगों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र का लाभ दिलवाया। समिति अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता हरबंस लाल सहारण ने जरूरतमंद मानव की सेवा भावना के उद्देश्य से समिति द्वारा गुरुवार को जिला चिकित्सालय में पीलीबंगा, हनुमानगढ़, टिब्बी सहित अन्य उपखंड क्षेत्र में बच्चों सहित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र से वंचित श्रवण कुमार एवं पवन कुमार मंडी पीलीबंगा, कृष्णा देवी लोंगवाला(पीलीबंगा), चरंजीत सिंह हनुमानगढ़ टाऊन, अभिजोत सिंह हनुमानगढ़ जंक्शन, सुनील कुमार किशनपुरा दिखनादा व मंजूबाला झांम्बर एवं प्रियंका सहजीपुरा, राजव अली नवां मदनलाल मक्कासर (हनुमानगढ़), शंकरलाल(संगरिया), मनीषा नगराना(संगरिया), जसवीर सुरेवाला एवं कपूरसिंह मेहरवाला(टिब्बी) सहित 21 दिव्यांगों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र का लाभ दिलवाकर लाभान्वित किया गया।
जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉक्टर अशोक कुमार जांगीड़ की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड टीम ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. विकास चौधरी एवं डॉ.गोरव नैन, एमडी(मेडिसिन) डॉ.संदीप कुमार छिंम्पा, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ.भालसिंह गोदारा, सर्जरी रोग विशेषज्ञ डॉ.विनोद नेहरा, न्यूरोफिजिशियन डॉ.राजेश कुमार यादव, नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ.मनीष सोनी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.सुमेश खीचड़ एवं डॉ.विनोद कटेवा, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ.संदीप सिहाग एवं डॉ.आदित्य जैन द्वारा त्वरित आवश्यक जांच की कार्यवाही को मौके पर ही पूर्ण करते हुए विभिन्न श्रेणी के 21 दिव्यांगों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र का लाभ दिया गया। समिति अध्यक्ष हरबंस लाल सहारण ने बताया कि समाज सेवा के माध्यम से हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही समिति का मुख्य लक्ष्य है। इस पुनीत कार्य में जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉक्टर अशोक कुमार जांगीड़ एवं रोगी मित्र नरेन्द्रसिंह राजपूत कोहला, समिति सदस्य दिव्यांग हेमंत शाक्य पीलीबंगा,जिला चिकित्सालय ई-मित्र संचालक कालूराम मोरवाल, चोहिलांवाली युवा समाजसेवी राकेश कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
