रीको की नई नीति से राहत
रीको की नई नीति: नकद मुआवजे के बजाय 25% विकसित भूमि मिलेगी
हनुमानगढ़। रीको (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम) द्वारा औद्योगिक क्षेत्र कोहला के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। नई नीति के तहत भूमि अवाप्ति के बदले नकद मुआवजा नहीं लेने वाले खातेदारों को अब विकसित भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। रीको अधिकारियों के अनुसार, चक 14 एसएसडब्ल्यू, कोहला क्षेत्र में जिन खातेदारों/हितधारकों ने नकद मुआवजा प्राप्त नहीं किया है, उन्हें नई नीति के तहत 25 प्रतिशत विकसित भूमि देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 5 मई 2026 को ग्राम पंचायत कोहला (तहसील हनुमानगढ़) में कैंप का आयोजन किया जाएगा, जहां पात्र खातेदारों से विकल्प पत्र लिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में इस क्षेत्र की भूमि औद्योगिक क्षेत्र स्थापना के लिए अधिग्रहित की गई थी। उस समय लगभग 50 प्रतिशत खातेदारों ने मुआवजा प्राप्त कर लिया था, जबकि शेष मामलों में भुगतान लंबित रहा, जो वर्तमान में न्यायालय एवं भूमि अवाप्ति अधिकारी कार्यालय में विचाराधीन है। रीको ने वर्ष 2016 में भी नकद मुआवजे के स्थान पर विकसित भूमि देने का प्रावधान किया था, लेकिन आवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण मामला लंबित रहा। अब नई नीति लागू होने से खातेदारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के अनुसार, 25 प्रतिशत विकसित भूमि में 20 प्रतिशत आवासीय/औद्योगिक तथा 5 प्रतिशत वाणिज्यिक भूमि शामिल होगी। यदि कोई खातेदार वाणिज्यिक भूमि नहीं लेना चाहता या उपलब्ध नहीं है, तो उसे 30 प्रतिशत आवासीय/औद्योगिक भूमि दी जाएगी। रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि इस पहल से लंबे समय से लंबित प्रकरणों का समाधान होगा और प्रभावित खातेदारों को राहत मिलेगी।
