News Breaking News
Live
wb_sunny

Breaking News

एचपीवी टीकाकरण

एचपीवी टीकाकरण

एचपीवी टीकाकरण : बेटियों ने दिखाई हिम्मत, भ्रांतियों पर लगाया विराम

यह पहल अब एक 'पीयर मोटिवेशन मॉडल' के रूप में उभर रही है, जहां एक छात्रा दूसरी के लिए बन रही प्रेरणा

हनुमानगढ़। जिले के राजकीय विद्यालयों में एचपीवी टीकाकरण को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान अब एक सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनता नजर आ रहा है। पहले जहां अभिभावकों और छात्राओं में वैक्सीन को लेकर संकोच और भ्रांतियां थीं, वहीं लगातार संवाद, समझाइश और सही जानकारी के बाद बालिकाएं आगे बढ़कर एचपीवी वैक्सीन लगवा रही हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि इस पहल की खास बात यह रही कि इसे केवल टीकाकरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया गया। डॉ. नवनीत शर्मा बुधवार को भादरा में आयोजित एचपीवी वैक्सीनेशन में बच्चियों से मिले और उन्हें वैक्सीनेशन करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके साथ भादरा बीसीएमओ डॉ. लक्ष्य चौधरी और एसडीएच इंचार्ज डॉ. संदीप पूनिया उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि जिले के विद्यालयों में आयोजित सत्रों के दौरान छात्राओं को एचपीवी संक्रमण, इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभाव और सर्वाइकल कैंसर के खतरे के बारे में सरल भाषा में समझाया जा रहा है। साथ ही चिकित्सा विभाग के सोशल मीडिया पेज (यू-ट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स) के जरिए बच्चियों के संदेश और समाज में फैली गलत धारणाओं को तथ्यों के आधार पर दूर किया जा रहा है।

डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और अध्यापकों के माध्यम से अभिभावकों को भी जोड़ा गया है, जिससे उनके मन में मौजूद शंकाएं दूर हो सकें। यही कारण रहा कि छात्राओं ने न केवल स्वयं टीकाकरण करवाया, बल्कि अन्य साथियों को भी इसके लिए प्रेरित किया। यह पहल अब एक 'पीयर मोटिवेशन मॉडलÓ के रूप में उभर रही है, जहां एक छात्रा दूसरी के लिए प्रेरणा बन रही है। इस अभियान में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ अध्यापकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने घर-घर जाकर और व्यक्तिगत स्तर पर संवाद कर लोगों को जागरूक किया।

किशोरावस्था में वैक्सीन लगवाना अधिक प्रभावी

डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन किशोरावस्था में लगवाना सबसे अधिक प्रभावी रहता है और यह भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव का मजबूत कवच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहें, तो आने वाले समय में इस गंभीर बीमारी के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

Tags

Newsletter Signup

Sed ut perspiciatis unde omnis iste natus error sit voluptatem accusantium doloremque.