ग्राम स्तर पर प्रधानाचार्य/ प्रधानाध्यापक को नियुक्त किया बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी
राजस्थान राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित
विद्यालय प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक बने बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी
जयपुर। राजस्थान सरकार के बाल अधिकारिता विभाग द्वारा जारी महत्वपूर्ण अधिसूचना के तहत राज्य के शिक्षा विभाग में कार्यरत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के समस्त प्रधानाचार्यों एवं राजकीय माध्यमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के समस्त प्रधानाध्यापकों को उनके संबंधित क्षेत्राधिकार में “बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (Child Marriage Prohibition Officer)” नियुक्त किया गया है। यह अधिसूचना दिनांक 24 अप्रैल 2026 को जारी की गई, जिसका प्रकाशन राजस्थान राजपत्र में 14 मई 2026 को किया गया।
अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित विद्यालय जिस पंचायत क्षेत्र में स्थित है, वहां के लिए संबंधित प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक को अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में विद्यालय जिस नगरपालिका अथवा वार्ड क्षेत्र में स्थित है, वहां वे बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
सरकार द्वारा जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत कुछ मामलों में पुलिस अधिकारी जैसी जांच संबंधी शक्तियां भी प्रदान की गई हैं, ताकि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस निर्णय से विद्यालय स्तर पर जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ बाल विवाह की रोकथाम में स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
