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संचार साथी पोर्टल

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साइबर पुलिस की नई एडवाइजरी: 

मोबाइल सुरक्षा का अचूक हथियार बना 'संचार साथी' पोर्टल 

जानें कैसे बचाएगा आपको फर्जी कॉल और सिम फ्रॉड से

हनुमानगढ़। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित संचार साथी पोर्टल को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी, फर्जी सिम, साइबर फ्रॉड और संदिग्ध कॉल्स से बचाव के लिए इस पोर्टल और मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें।  

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि वर्तमान डिजिटल दौर में साइबर ठग लगातार नई तकनीकों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में संचार साथी पोर्टल नागरिकों को मोबाइल और सिम कार्ड से जुड़ी सुरक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यह पोर्टल गूगल प्ले स्टोर पर ऐप के रूप में भी उपलब्ध है।

खोया या चोरी हुआ मोबाइल तुरंत करें ब्लॉक

पोर्टल के Block Your Lost/Stolen Mobile Handset फीचर के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक कर सकता है। इससे फोन में किसी भी कंपनी का सिम कार्ड इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। मोबाइल मिलने पर उसे दोबारा अनब्लॉक भी किया जा सकता है।

खरीदने से पहले जांचें मोबाइल असली है या नहीं

Know Your Mobile (KYM) मॉड्यूल के माध्यम से लोग नया या पुराना मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर चेक कर यह पता लगा सकते हैं कि फोन ब्लैकलिस्टेड, डुप्लीकेट या चोरी का तो नहीं है।

आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं, तुरंत करें जांच

TAFCOP (Know Mobile Connections in Your Name) फीचर से कोई भी व्यक्ति यह देख सकता है कि उसके आधार या नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई अनजान नंबर दिखाई देता है, तो उसकी रिपोर्ट कर उसे बंद कराया जा सकता है।

फर्जी कॉल और मैसेज की भी कर सकते हैं शिकायत

चक्षु (CHAKSHU) पोर्टल के जरिए व्हाट्सएप, कॉल या एसएमएस पर आने वाले फर्जी नौकरी, लॉटरी, केवाईसी अपडेट या बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी के प्रयासों की रिपोर्ट की जा सकती है।

विदेशी कॉल्स पर भारतीय नंबर दिखे तो रहें सतर्क

एडीजी श्री सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी अब कॉलर आईडी स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल कर विदेश से कॉल करते हुए भारतीय नंबर प्रदर्शित करते हैं। ऐसे मामलों में “Report Incoming International Call With Indian Number” फीचर के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।  

राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल

https://cybercrime.gov.in

या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। साथ ही साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।


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