बारिश के मौसम में रहे सतर्क, आमजन से अपील
बारिश के मौसम में सतर्कता ही बचाव, हर रविवार मनाएं 'सूखा दिवस'
घरों में जमा पानी को करें नष्ट, डेंगू-मलेरिया-चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाएं परिवार
हनुमानगढ़। जिले में मानसून की सक्रियता के साथ ही मच्छरजनित रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से प्रत्येक रविवार को अपने घरों, कार्यस्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में जमा पानी को हटाकर 'सूखा दिवस' (ड्राइंग-डे) मनाने की अपील की है। विभाग का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं जीका जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकती है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ एवं ठहरे हुए पानी में पनपता है। यह मच्छर घरों के अंदर और आसपास रखे कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, फ्रिज की ट्रे, टूटे बर्तनों, पुराने टायरों, खाली डिब्बों तथा छतों पर जमा पानी में अंडे देता है। ऐसे में यदि सप्ताह में एक बार भी इन स्थानों की सफाई कर पानी को नष्ट कर दिया जाए, तो मच्छरों की संख्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 'हर रविवार केवल आधा घंटा अपने घर और आसपास की सफाई के लिए निकालकर हम पूरे परिवार को मच्छरजनित रोगों से सुरक्षित रख सकते हैं। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जीका जैसी बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों को पनपने से रोकना है।Ó डॉ. शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर सर्वे कर संभावित लार्वा स्थलों की जांच कर रहे हैं तथा लोगों को साफ-सफाई और बचाव के उपायों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही बुखार के मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर घरों की जांच कर रहे हैं एवं आमजन को घर में जमा पानी को नियमित रूप से बदलने के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- - घर में किसी भी पात्र, गमले, कूलर या टंकी में पानी एक सप्ताह से अधिक जमा न रहने दें।
- - पानी की टंकियों, हौदियों एवं भंडारण पात्रों को हमेशा ढककर रखें।
- - कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदलें तथा उपयोग न होने पर उसे खाली कर सुखा दें।
- - फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, एयर कंडीशनर के पानी निकास पात्र और वॉशरूम की नियमित सफाई करें।
- - पुराने टायर, कबाड़, प्लास्टिक के डिब्बे, नारियल के खोल एवं अन्य अनुपयोगी वस्तुओं को खुले में जमा न होने दें।
- - घर की छत, आंगन और आसपास ऐसे स्थानों की नियमित जांच करें जहां वर्षा का पानी ठहर सकता हो।
- - बच्चों एवं बुजुर्गों को पूर्ण बाजू के कपड़े पहनाएं तथा मच्छरदानी एवं मच्छररोधी उपायों का उपयोग करें।
बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर संपर्क कर जांच करवाएं। स्वयं दवा लेने से बचें तथा चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। 'स्वच्छ घर, सूखा आंगन और जागरूक परिवार ही डेंगू-मुक्त समाज की आधारशिला हैं। आइए, प्रत्येक रविवार 'सूखा दिवस'मनाकर मच्छरों के खिलाफ जनआंदोलन को सफल बनाएं।


