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राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनपी-एनसीडी) कार्यक्रम

राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनपी-एनसीडी) कार्यक्रम

एनसीडी रैंकिंग में हनुमानगढ़ का राज्य में दूसरा स्थान

दो माह में 13वें स्थान से दूसरे स्थान तक का सफर, 

नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण कार्य का मिला परिणाम

हनुमानगढ़। राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनपी-एनसीडी) कार्यक्रम के तहत हनुमानगढ़ जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मई 2026 की राज्य स्तरीय रैंकिंग में 52.96 अंकों के साथ राजस्थान में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मार्च 2026 की रैंकिंग में जिला 13वें स्थान पर था, लेकिन जिला प्रशासन एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सुनियोजित प्रयासों, नियमित मॉनिटरिंग, डेटा गुणवत्ता में सुधार तथा फील्ड स्तर पर प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप मात्र दो माह में यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। यह रैंकिंग विभिन्न गतिविधियों की भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धि के आधार पर हर माह जारी की जाती है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में गैर संचारी रोगों की समयबद्ध स्क्रीनिंग, मरीजों के नियमित उपचार एवं अनुवर्ती जांच, आवश्यक दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। डॉ. शर्मा ने बताया कि इसमें सीबैक फॉर्म, एएनएम द्वारा की जाने वाली स्क्रीनिंग, पॉजिटिव मिलने वालों का ट्रीटमेंट एवं फॉलोअप और आशा पेमेंट आदि शामिल है। उल्लेखनीय है कि विभाग इससे पूर्व भी एनसीडी गतिविधियों में अन्य जिलों के मुकाबले हमेशा आगे रहा है, जिसकी राज्य स्तर पर भी प्रशंसा हो चुकी है। डॉ. शर्मा ने बताया कि आगामी दिनों में और बेहतर कार्य कर जिले को लगातार प्रथम स्थान पर बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्य में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा, डीपीओ अनीश गांधी एवं डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि रिछपाल सिंह सहित सभी काउंसलर्स आदि का योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भावना और निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि हनुमानगढ़ ने राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत 30+ आयुवर्ग के व्यक्तियों की 5 प्रकार के गैर संचारी रोग यथा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज एवं तीन कॉमन कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल) की स्क्रीनिंग की जाती है। 30+ आयुवर्ग के व्यक्ति कुल जनसंख्या के लगभग 46 प्रतिशत होते हैं। भारत सरकार द्वारा एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों की उपलब्धि में एनसीडी पोर्टल पर उपलब्ध डाटा को ही सम्मिलित किया गया है।

जिले की प्रमुख उपलब्धियां

जिले में 2 लाख 2 हजार 592 व्यक्तियों की उच्च रक्तचाप तथा 2 लाख 12 हजार 88 व्यक्तियों की मधुमेह की स्क्रीनिंग की गई। वहीं 87 हजार 205 महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, 60 हजार 385 महिलाओं की स्तन कैंसर तथा 1 लाख 39 हजार 385 व्यक्तियों की मुख कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त जिले में 94 हजार 754 उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 63 हजार 416 मरीजों का नियमित अनुवर्ती परीक्षण (फॉलो-अप) किया जा रहा है तथा 44 हजार 237 मरीजों की बीमारी नियंत्रित श्रेणी में है। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की आवश्यक दवाएं 100 प्रतिशत उपलब्ध हैं। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 54.5 प्रतिशत आबादी तथा उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह के 61.8 प्रतिशत मरीजों की आभा सीडिंग भी की जा चुकी है।


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