जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित होगी ‘नारी चौपाल’
10 जून को आयोजित होगी ‘नारी चौपाल’, आशाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश
हनुमानगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 10 जून 2026 बुधवार को राज्य के प्रत्येक जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ‘नारी चौपाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं की सक्रिय एवं शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) राजस्थान ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार नारी चौपाल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में राजीविका की लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन एवं सहायिकाओं के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों जैसे एनीमिया नियंत्रण, लिंगानुपात सुधार, बाल विवाह रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं पर संवाद एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी जनजागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
एनएचएम निदेशक डॉ. मधु रतेश्वर द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और एनीमिया नियंत्रण तथा लिंगानुपात सुधार जैसे अभियानों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित नारी चौपाल में सभी आशाओं की उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दें तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूक करें। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नारी चौपाल के माध्यम से महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
