किसानों को बड़ी राहत
हनुमानगढ़ जिले के गेहूं खरीद लक्ष्य में ऐतिहासिक वृद्धि
पौने दो करोड़ से अधिक गेहूं के कट्टे की होगी खरीद,
जिले में अब तक का सबसे बड़ा खरीद अभियान
हनुमानगढ़। राज्य सरकार द्वारा गेहूं खरीद लक्ष्य में लगातार वृद्धि किए जाने से हनुमानगढ़ जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री रामरतन सौंकरिया ने बताया कि नवीन स्वीकृतियों के बाद जिले का कुल गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़कर 8.75 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस लक्ष्य के अनुरूप जिले में पौने दो करोड़ से अधिक गेहूं के कट्टों की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह खरीद पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए जिले के इतिहास की सबसे बड़ी समर्थन मूल्य खरीद है।
राजस्थान के किसानों को मिल रहा देश में सर्वाधिक लाभ
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ राज्य सरकार भी लगातार 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप राजस्थान के किसानों को गेहूं का भाव 2735 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जबकि पड़ोसी राज्यों के किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल का ही मूल्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी बढ़ाने तथा राज्य सरकार स्तर पर बोनस दिए जाने के कारण राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। इससे जिले के 65 हजार से अधिक किसान परिवारों को इस वर्ष 120 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ है।
6 जून को 10 लाख और 5 जून को 6 लाख बैग का अतिरिक्त लक्ष्य स्वीकृत
श्री सौंकरिया ने बताया कि राज्य सरकार ने 5 जून को जिले के लिए 6 लाख बैग तथा 6 जून को अतिरिक्त 10 लाख बैग के लक्ष्य को मंजूरी प्रदान की है। इससे खरीद लक्ष्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खरीद अवधि भी बढ़ाई जा रही है, जिसे बढ़ाकर 10 जून, 2026 कर दिया गया है। जिससे खरीद प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके।
खरीद एजेंसियों को दिए गए विशेष निर्देश
उन्होंने बताया कि सभी खरीद एजेंसियों को बढ़े हुए लक्ष्य के अनुरूप खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसियां पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराना, समय पर तौल करवाना तथा गेहूं का शीघ्र उठाव सुनिश्चित करेंगी, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन द्वारा खरीद व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
