आत्मनिर्भर बना मेघाना का राजकीय विद्यालय
जनसहयोग से 5 किलोवाट सोलर प्लांट लगा ऊर्जा आत्मनिर्भर बना मेघाना का राजकीय विद्यालय
हनुमानगढ़। नोहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मेघाना ने जनसहयोग और नवाचार के बल पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय परिसर में 5 किलोवाट क्षमता का ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट स्थापित कर विद्यालय ने बिजली पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ सतत विकास और हरित ऊर्जा की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। विद्यालय की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
विद्यालय लंबे समय से बढ़ते बिजली बिलों के कारण वित्तीय दबाव का सामना कर रहा था। सीमित संसाधनों के चलते शैक्षणिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
“हमारा विद्यालय ऊर्जा में आत्मनिर्भर
इस चुनौती का स्थायी समाधान खोजते हुए अध्यापक श्री कुलदीप सिंह बैनीवाल ने कनिष्ठ सहायक श्री राजेराम के सहयोग से “हमारा विद्यालय ऊर्जा में आत्मनिर्भर” अभियान शुरू किया। सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से विद्यालय की आवश्यकता को समाज के सामने रखा, जिसे ग्रामीणों, भामाशाहों, पूर्व विद्यार्थियों और सरकारी सेवाओं में कार्यरत ग्रामवासियों का भरपूर समर्थन मिला।
जनसहयोग से जुटाए 2.75 लाख रुपये, मई में लगा सोलर प्लांट
अभियान के तहत पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भामाशाहों की समिति गठित की गई। सामूहिक प्रयासों से कुल 2 लाख 75 हजार रुपये की राशि एकत्रित हुई, जिससे मई, 2026 में विद्यालय परिसर में 5 किलोवाट क्षमता का ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट स्थापित किया गया। अब विद्यालय अपनी विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर रहा है, जिससे बिजली बिल का खर्च लगभग समाप्त हो गया है।
बचत राशि अब विद्यार्थियों के विकास पर होगी खर्च
सोलर प्लांट से होने वाली बचत का उपयोग अब विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, सह-शैक्षणिक गतिविधियों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। साथ ही यह परियोजना विद्यार्थियों को हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व का व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान कर रही है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री विनोद बैनीवाल ने इस पहल को पूरे ब्लॉक के लिए प्रेरणादायी बताया। वहीं अभियान संयोजक श्री कुलदीप सिंह बैनीवाल ने कहा कि समाज की सहभागिता से शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। संस्था प्रधान श्री जयनारायण कस्वां ने इसे सामूहिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी की जीत बताते हुए सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

