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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की साधारण सभा

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की साधारण सभा

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की दो दिवसीय प्रादेशिक साधारण सभा 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : चुनौतियां, क्रियान्वयन एवं समाधान पर हुआ चिंतन

 

झुंझुनू। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की साधारण सभा का झुन्झुनू के जेजेटी विश्वविद्यालय चुड़ैला, झुंझुनू में आयोजित की गई । इसमें प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला कार्यकारिणी के 600 सदस्यों ने भाग लिया । प्रथम दिवस में प्रदेश कार्यकारिणी का निर्वाचन किया गया । साधारण सभा के द्वितीय दिवस में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण लाल जी गुप्ता द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की चुनौतियां, क्रियान्वयन एवं समाधान विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। श्री गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राष्ट्रहित में बताया उन्होंने बताया कि भारत प्राचीन समय में ही समय से ही विश्व गुरु था एवं आने वाले समय में विश्व स्तर पर भारत की पहचान और विकसित भारत के सपने को पूरा करने में भारत के शिक्षको का बहुत बड़ा योगदान होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थी के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षण, कर्म की महता, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति के विचारों से युक्त एवं विद्यार्थियों में सांस्कृतिक एवं चारित्रिक विकास, मानवीय मूल्यों के विकास एवं समाज निर्माण में इस नीति का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। इसी के आधार पर शिक्षा के माध्यम से भारत विश्व में अपनी प्रतिष्ठा पुनः स्थापित करेगा । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्णत: भारतीय शिक्षा पद्धति पद आधारित बताया । उन्होंने बताया शिक्षा के मूल्य एवं लक्ष्य कभी नहीं बदलते हैं। त्रिभाषा सूत्र एवं बालवाटिका मातृभाषा में शिक्षा संबंधी विचारों पर विस्तार से उन्होंने चर्चा की। यह नीति पूर्णतया देश हित एवं देशभक्ति के विचारों से युक्त है। उन्होंने कहा हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए  हमे दृढ़ संकल्पित होकर सभी को मिलकर सुनियोजित रूप से कार्य करना होगा।

प्रदेश अतिरिक्त मंत्री बसंत जिंदल ने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जिसमें मेरा विद्यालय मेरा तीर्थ मानकर प्रत्येक शिक्षक  को इस पर कार्य करना होगा। प्रदेश कार्यकारिणी के शेष रहे पदों पर मनोनयन हुआ। इनमें सेवानिवृत्ति प्रकोष्ठ, परामर्श मंडल, मीडिया, महिला, शैक्षिक, पर्यावरण आदि प्रकोष्ठों में विभिन्न पदों पर मनोनयन हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश जी पुष्करणा द्वारा 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में दिए गए निर्णय से शिक्षकों पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया। उन्होंने बताया कि 18 जून को प्रदेश भर में TET के निर्णय के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जाएगा l

साधारण सभा के द्वितीय दिवस के समापन सत्र के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री श्री महेंद्र जी कपूर ने संगठन की नियम एवं विधान को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बिना किसी जाति धर्म एवं क्षेत्र के भेदभाव के साथ संगठन के साथ कार्य करते रहना चाहिए। प्रत्येक कार्यकर्ता को नियमित अंतराल पर प्रवास करना चाहिए। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता एक परिवार के रूप में रहे। आपस में समय-समय पर आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरे का सहयोग पूर्ण मनोयोग से करना चाहिए। कार्यकर्ता को प्रवास से जाने से पूर्व योजना एवं पूर्ण योजना प्रवास से पूर्व निर्माण कर लेनी चाहिए। किसी भी कार्यकर्ता में अपने पद का अभिमान नहीं होना चाहिए। किसी भी संगठन में संगठन सर्वप्रथम होता है। संगठन को मैंने खड़ा किया, मेरे कारण ही संगठन जैसे भाव किसी भी कार्यकर्ता में नहीं होने चाहिए । उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सरकारी विद्यालय का विशेष योगदान है। प्रत्येक बच्चे का शिक्षक से विशेष जुड़ाव होना चाहिए। शिक्षक के विशेष जुड़ाव से ही विद्यार्थियों में अधिगम क्षमता का विकास होता है। शिक्षको  को प्रार्थना सभा प्रभावी बनाना, बाल सभा का आयोजन, वन भ्रमण, पर्यावरण संरक्षण, प्रयोगशाला की प्रभावी प्रयोग जैसे सूक्ष्म बिंदुओं पर कार्य करना होगा । प्रत्येक शिक्षक को हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता है ।

समापन सत्र में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष नारायण लाल जी गुप्ता  रहे। उन्होंने बताया कि हमें हमेशा किसी व्यक्ति के बजाय लक्ष्य एवं विचार पर केंद्रित रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में भारत में ही गुरु परंपरा का विशेष महत्व है । हमारे देश में ही सर्वाधिक गुरु की महता का वर्णन किया गया है। हमारे संगठन द्वारा संचालित गुरु वंदन कार्यक्रम का विशेष महत्व बताते हुए उन्होंने भारत में गुरु की परंपरा को बनाए रखने एवं उसकी हमेशा याद रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि गांव में विकास का सबसे अच्छा स्रोत एक शिक्षक है। एक शिक्षक के द्वारा अपने गांव में विभिन्न प्रकार के विकास में योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 29 राज्यों में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सक्रिय है और इसका सर्वोच्च विचार राष्ट्र हित में शिक्षा, समाज सुधार एवं विचारवान, चारित्रिक, सुसंस्कारवान विद्यार्थी तैयार करना  है।

दो दिवसीय कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने किया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक एवं जिला अध्यक्ष राजेश जी जांगिड़ द्वारा प्रदेश पर से पधारे एवं व्यवस्था में लगे सभी कार्यकर्ताओं का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।



       

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