39 दिव्यांगों को मिला मेडिकल प्रमाण
दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति द्वारा सेवा भावना का प्रयास
39 दिव्यांगों को मिला मेडिकल प्रमाण-पत्र, समाजसेवा में सहयोगियों का किया सम्मान
हनुमानगढ़। दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति द्वारा गुरुवार को जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ टाउन में विशेष पहल करते हुए 39 दिव्यांगों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र का लाभ दिलाया।
समिति अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता हरबंस लाल सहारण ने बताया कि समिति का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद दिव्यांग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि "सेवा ही परम धर्म" है और मानवता की भलाई के लिए किया गया कार्य ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। समाज में आज भी अनेक जरूरतमंद लोग हैं जिन्हें सहयोग की आवश्यकता है और उनकी सेवा करना ही सच्चा मानव धर्म है।
विशेष मेडिकल बोर्ड शिविर में पीलीबंगा, हनुमानगढ़, टिब्बी, संगरिया, नोहर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनों की मौके पर ही आवश्यक चिकित्सकीय जांच कर 39 पात्र व्यक्तियों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार जांगिड़ की उपस्थिति में गठित मेडिकल बोर्ड में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. विकास चौधरी एवं डॉ. गौरव नैन, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सहारण, न्यूरो फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार यादव, सर्जन डॉ. विनोद कुमार नेहरा, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. भालसिंह गोदारा एवं डॉ. रिपूदमन सिंह धारीवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. के.एल. किलानियां एवं मनीष कुमार सोनी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कटेवा तथा फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. संदीप कुमार सिहाग एवं डॉ. आदित्य जैन ने सेवाएं प्रदान कीं।
हरबंस लाल सहारण ने बताया कि समिति निरंतर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्यरत है तथा इसी सेवा भावना के कारण आमजन द्वारा समिति के प्रयासों की सराहना की जा रही है।
इस कार्य में जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार जांगिड़, रोगी मित्र नरेंद्र सिंह राजपूत कोहला, समिति सदस्य हेमंत शाक्य, ग्राम विकास अधिकारी दलवीर सिंह, नर्सिंग ऑफिसर हनुमान प्रसाद, एएनएम रूपिंद्रजीत कौर, विशेष शिक्षा आरपी महावीर प्रसाद, सुरजीत सिंह, अधिकारी मित्र जगदीश डूडी, व्याख्याता राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, युवा समाजसेवी सुनील कुमार, राजेंद्र चोटिया, ई-मित्र संचालक कालूराम मोरवाल एवं बलदेव सहित अनेक सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।


