भुरानपुरा में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
भुरानपुरा में अलसुबह स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, दूध के सात सैंपल लेकर जांच के लिए बीकानेर भिजवाए
बिना खाद्य पंजीकरण के मिले डेयरी को नोटिस किए जारी
हनुमानगढ़। जिले में शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने एवं मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार अलसुबह गांव भुरानपुरा में विभिन्न डेयरियों एवं दुग्ध संग्रह केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि सुबह-सवेरे पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव की विभिन्न डेयरियों एवं दूध विक्रय केंद्रों की जांच की एवं दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लिए। अभियान के दौरान 11 आरडब्ल्यूडी दुग्ध उत्पादक समिति, भुरानपुरा से भैंस एवं गाय के दूध के सैंपल, 13 आरडब्ल्यूडी दूध सागर मिल्क सेंटर से गाय के दूध के दो सैंपल, बालाजी डेयरी से गाय के दूध का एक सैंपल, मन्नू डेयरी से गाय के दूध का एक सैंपल तथा भुरानपुरा गोपालन दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से मिक्स दूध का एक सैंपल लिया गया। इस प्रकार कुल 7 दूध के सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए गए, जो जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भिजवाए गए।
डॉ. शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान भुरानपुरा में बिना खाद्य पंजीकरण (फूड रजिस्ट्रेशन) के संचालित हो रहे संस्थानों को नोटिस जारी कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संग्रहित किए गए सभी दूध के सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। डॉ. ने घरों में संचालित दुग्ध व्यवसायों का भी निरीक्षण किया तथा संचालकों से संवाद कर साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण में दूध का संग्रहण एवं विक्रय करने तथा उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित दूध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने आमजन एवं दुग्ध व्यवसाय संचालकों से अपील की कि बिना खाद्य पंजीकरण के किसी भी प्रकार का दूध अथवा दुग्ध उत्पादों का व्यवसाय संचालित नहीं करें। सभी खाद्य कारोबारियों को नियमानुसार खाद्य पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त कर ही व्यवसाय संचालित करना चाहिए। बिना अनुमति संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी रफीक मोहम्मद, सुदेश कुमार, सुखदेव एवं अनूपम चौयल, लैब सहायक सुभाष कुमार, सहायक कर्मचारी हीरावल्लभ शर्मा, गार्ड अशोक कुमार एवं रणवीर गिरी तथा वाहन चालक दिनेश कुमार, गुरुशरण सिंह, मोहनलाल एवं निहाल सिंह मौजूद रहे।



